जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली । मेडिकल के स्नातक कोर्सों में दाखिले से जुड़ी परीक्षा नीट-यूजी (नेशनल एलिजविलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट- अंडर ग्रेजुएट) में गड़बड़ी व कथित पेपर लीक मामले के तूल पकड़ते देख नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी है।
एनटीए ने रविवार को एक एडवाइजरी जारी कर छात्रों के साथ यह जानकारी साझा की है। साथ ही उन्हें यह भी बताया है कि तीन मई को हुई नीट-यूजी की परीक्षा देशभर में कड़े सुरक्षा प्रोटाकाल के तहत आयोजित की गई थी।
एनटीए ने बताया है कि परीक्षा के चार दिन बाद यानी सात मई को उन्हें परीक्षा में अनियमतिता से जुड़ी शिकायतें मिली थीं। इस आधार पर आठ मई को इसकी जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंपी गई है। जांच में उन्हें पूरा सहयोग किया जा रहा है। उन्हें डाटा सहित दूसरी जानकारियां मुहैया कराई गई हैं, ताकि जांच के बाद सच्चाई सामने आ सके।
एनटीए ने इस बीच छात्रों से बगैर जांच रिपोर्ट आए किसी भी तरह के निष्कर्ष निकालने से बचने के लिए कहा है। एनटीए ने कहा कि जांच एजेंसियां जो भी रिपोर्ट देंगी, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई पारदर्शी तरीके से की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, नीट-यूजी के बाद देहरादून, राजस्थान के सीकर व झुंझुनूं से कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
जांच एजेंसियों को शक है कि परीक्षा से पहले कुछ कैंडिडेट्स को प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने की कोशिश हुई थी। सूत्रों के अनुसार, जांच में सीबीआइ सहित सभी केंद्रीय एजेंसियों को लगाया गया है। गौरतलब है कि नीट-यूजी की परीक्षा देशभर में तीन मई को हुई थी। जिसमें करीब 22 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। इससे पहले 2024 में भी नीट-यूजी में गड़बडियों के आरोप लगे थे।
अफवाहों से बचे छात्र
एनटीए ने इस बीच छात्रों और अभिभावकों से धैर्य बनाने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की मेहनत पर कोई सवाल नहीं उठाया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर शिक्षा मंत्रालय से सलाह लेकर आगे के फैसले लिए जाएंगे। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए छात्र इन नंबरों पर संपर्क कर सकते है। नीट-यूजी- 2026 हेल्पलाइन- 011-40759000/011-69227700