जेएनएन, रायपुर। छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आइजीकेवी) की बीएससी एग्रीकल्चर सेकेंड ईयर की एंटोमोलाजी (कीट विज्ञान) विषय की परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले प्रश्नपत्र वाट्सएप पर प्रसारित होने की जानकारी सामने आने के बाद परीक्षा रद कर दी गई। इसके बाद देर रात तेलीबांधा थाने में एफआइआर दर्ज की गई है।
अब सितंबर के प्रथम सप्ताह में दोबारा परीक्षा होगी। बताया जा रहा है कि सुबह आठ बजे सबसे पहले पेपर लीक होने की शिकायत मिली थी। इसके बावजूद निर्धारित समय पर परीक्षा जारी रही।
लगातार शिकायतें मिलने के बाद विश्वविद्यालय में उच्चस्तरीय बैठक हुई। आखिरकार दोपहर दो बजे के बाद परीक्षा रद करने का निर्णय लिया गया। परीक्षा में प्रदेश के 27 कृषि महाविद्यालयों के करीब 1,200 विद्यार्थी शामिल हुए थे।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पेपर किसी अन्य स्रोत से फारवर्ड होकर विद्यार्थियों तक पहुंचा था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर विवि प्रशासन ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है।
मार्च 2024 में भी आइजीकेवी की परीक्षा के दौरान पेपर लीक की शिकायत सामने आई थी। तब जांच समिति ने आधिकारिक पेपर लीक से इनकार करते हुए इसे अफवाह बताया था।
परीक्षा की निष्पक्षता और सभी विद्यार्थियों के हित में पेपर रद किया गया है। इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान होने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।- डा. कपिल देव दीपक, रजिस्ट्रार, आइजीकेवी