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अमेरिकी वीजा के लिए दिखाई फर्जी डिग्री और बैंक बैलेंस, आंध्र प्रदेश के युवक के खिलाफ FIR दर्ज

Byadmin

Aug 12, 2026


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी दूतावास की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने आंध्र प्रदेश के 25 वर्षीय युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। युवक पर आरोप है कि गैर-आप्रवासी वीजा के लिए आवेदन करते समय फर्जी दस्तावेज जमा किए थे।

चाणक्यपुरी थाने को 8 अगस्त को शिकायत मिली थी कि युवक 7 अगस्त को नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में गैर-आप्रवासी वीजा के लिए इंटरव्यू देने पहुंचा था। अपने आवेदन के साथ राजस्थान के एक विश्वविद्यालय के कई दस्तावेज जमा किए, जिसमें दावा किया गया था कि उसने कंप्यूटर्स में बैचलर ऑफ कॉमर्स की पढ़ाई पूरी की है।

करोड़ों की संपत्ति का किया दावा

युवक ने एक कंपनी का अप्रेजल पत्र भी प्रस्तुत किया, जिसमें उसका मासिक वेतन 35000 रुपये दिखाया गया था। इसके साथ ही, एक अनुभव प्रमाण पत्र भी दिया गया, जिसमें दावा किया गया था कि उसने उस कंपनी में 27 दिसंबर 2023 से 31 जुलाई 2026 तक काम किया है।

आरोपी ने अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत दिखाने के लिए 1.2 करोड़ रुपये की संपत्ति दर्शाने वाला वित्तीय नेटवर्थ प्रमाण पत्र पेश किया। साथ ही, बैंक दस्तावेजों में 45 लाख रुपये और 50 लाख रुपये का बैलेंस भी दिखाया गया।

वीजा एजेंट का खुला राज

7 अगस्त को अपने वीजा इंटरव्यू के दौरान पूछताछ में युवक टूट गया। उसने कथित तौर पर दूतावास के अधिकारियों के सामने स्वीकार किया कि वह कभी विश्वविद्यालय नहीं गया था।

उसके द्वारा जमा की गई डिग्री, मार्कशीट, ट्रांसक्रिप्ट, सेमेस्टर ग्रेड रिपोर्ट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और प्रोविजनल सर्टिफिकेट पूरी तरह से फर्जी थे। उसने अधिकारियों को बताया कि ये सभी फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज विजयवाड़ा के वीजा एजेंट नितिन ने उपलब्ध कराए थे।

उधार के पैसों का खेल

युवक ने यह भी माना कि उसके आवेदन के साथ जमा किया गया बैंक स्टेटमेंट मनगढ़ंत था और उसे एजेंट नितिन के निर्देश पर ही तैयार किया गया था। उसने दूतावास के अधिकारियों को आगे बताया कि उसने उस कंपनी में केवल दो से ढाई महीने ही काम किया था, जबकि अनुभव प्रमाण पत्र में ढाई साल का झूठा दावा किया गया था। शिकायत के मुताबिक, युवक ने बताया कि वह कंपनी उसके चाचा की है और उन्होंने ही उसे ये फर्जी रोजगार दस्तावेज दिए थे।

इसके अलावा, युवक ने कथित तौर पर यह भी स्वीकार किया कि उसके परिवार ने नेट वर्थ स्टेटमेंट और बैंक खातों में भारी-भरकम बैलेंस दिखाने के लिए पैसे उधार लिए थे। उसने माना कि नेटवर्थ स्टेटमेंट में इस लोन की राशि को जानबूझकर छिपाया गया था।

पुलिस को सौंपा गया मामला

दूतावास के अधिकारी ने अपनी शिकायत में कहा कि इस मामले की परिस्थितियों और फर्जी दस्तावेजों की जांच करने के हमारे अनुभव और प्रशिक्षण के आधार पर पर्याप्त कारण है कि उम्मीदवार ने फर्जी बैंक, शिक्षा, रोजगार और नेट वर्थ दस्तावेज हासिल करने के लिए विजयवाड़ा के वीजा एजेंट और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर साजिश रची।

दूतावास ने स्पष्ट किया कि ये दस्तावेज अमेरिकी सरकार को धोखा देने तथा फर्जी दावों और गलत बयानी के जरिए वीजा प्राप्त करने के लिए तैयार किए गए थे। अमेरिकी दूतावास के अधिकारी ने संदिग्ध को पुलिस को सौंप दिया, जिसके बाद चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया गया है।

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