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Rajasthan Rainfall:नदियां ऊफान पर, रास्ते डूबे… आज फिर भारी बारिश की चेतावनी, 13 अगस्त से कमजोर होगा मानसून – Rajasthan Rainfall: Two Days Of Heavy Rain Disrupt Life, More Downpour Likely Today Before Relief

Byadmin

Aug 12, 2026


राजस्थान में पिछले दो दिनों से सक्रिय मानसून का असर आज भी बना रहेगा। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 12 अगस्त को दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं भारी और एक-दो स्थानों पर अति भारी बारिश की चेतावनी दी है। हालांकि 13 अगस्त से प्रदेश में भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आने के आसार हैं।

आज कोटा-झालावाड़ समेत दक्षिण-पूर्वी राजस्थान पर नजर

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र अब पूर्वी राजस्थान और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश पर है। इसके साथ चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। मानसून ट्रफ बीकानेर से कम दबाव वाले क्षेत्र, सीधी, जमशेदपुर और कंटाई होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है।

इस सिस्टम के कारण आज कोटा, उदयपुर, जयपुर और भरतपुर संभागों में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर भारी बारिश और एक-दो स्थानों पर अति भारी बारिश होने की संभावना है। जिलों के स्तर पर कोटा में अति भारी बारिश का अलर्ट है। झालावाड़ में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी है। चित्तौड़गढ़ में भी अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बूंदी, बारां, सवाई माधोपुर, उदयपुर, राजसमंद, टोंक सहित कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।

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13 अगस्त से बारिश का जोर घटेगा


लगातार बारिश के बाद अब मौसम में बदलाव के संकेत भी मिलने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार 13 अगस्त से भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी। हालांकि पूर्वी राजस्थान में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 14 अगस्त से जोधपुर, उदयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम होने की संभावना है। वहीं उत्तर-पश्चिमी, उत्तरी और पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश जारी रह सकती है।



15 अगस्त से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में और कमी आने की संभावना है। इस दौरान उत्तरी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है। यानी अगले 24 घंटे बारिश के लिहाज से अहम रहेंगे, इसके बाद मानसून की सक्रियता धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है।



पूर्वी राजस्थान के अधिकांश जिलों में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। झालावाड़, दौसा, प्रतापगढ़, अलवर, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर में 2 से 3 इंच तक बारिश दर्ज की गई। बूंदी में महज दो घंटे में 5.16 इंच पानी बरस गया। इससे नवलसागर झील लबालब हो गई और शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई।


भारी बारिश के कारण नदियां और बांध उफान पर हैं। परवन नदी में तेज बहाव के चलते बारां-झालावाड़ मार्ग करीब 15 घंटे तक बाधित रहा। वहीं चंबल नदी का जलस्तर बढ़ने से झरेर पुल पर पानी ओवरफ्लो हो गया और सवाई माधोपुर-खातौली मार्ग भी बंद करना पड़ा। डीडवाना-कुचामन जिले के नावां में बाइक सवारों पर बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई।

कोटा में 1100 करोड़ की 8-लेन टनल में भरा 3 फीट तक पानी


मानसून की पहली अच्छी बारिश ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर मुकंदरा टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली करीब 1100 करोड़ रुपये की चेचट टनल के निर्माण की खामियां उजागर कर दी हैं। देश की सबसे चौड़ी 8-लेन टनल में बारिश का पानी करीब 3 फीट तक भर गया। टनल की दीवारों से पानी की धार निकलने लगी और कई जगह लीकेज भी सामने आया।


टनल में पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज सिस्टम और पंप लगाए गए हैं, लेकिन तेज बारिश के दौरान ये पर्याप्त साबित नहीं हुए। विशेषज्ञों के मुताबिक वाटरप्रूफिंग मेम्ब्रेन या जियो-टेक्सटाइल लेयर में लापरवाही और बरसाती पानी की मात्रा का सही आकलन किए बिना ड्रेनेज सिस्टम तैयार किए जाने से समस्या बढ़ी हो सकती है।

सात संभागों में सिर्फ बीकानेर में बारिश अच्छी


राजस्थान में पिछले तीन दिनों से पूर्वी हिस्से में मानसून सक्रिय है, लेकिन पूरे प्रदेश में बारिश का वितरण अभी भी असमान है। राज्य के सात संभागों में केवल बीकानेर संभाग ऐसा है, जहां मानसून की स्थिति अच्छी है। संभाग के चार में से तीन जिलों में औसत से अधिक बारिश हो चुकी है। यहां सामान्य से 16.80 प्रतिशत अधिक पानी बरसा है। इसके विपरीत सबसे ज्यादा बारिश वाले माने जाने वाले कोटा और उदयपुर संभाग में इस बार मानसून कमजोर रहा है। इन दोनों संभागों में सामान्य से करीब 15 से 26 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।

प्रदेश में अब तक सामान्य से 10.96% कम बारिश


दो दिनों में प्रदेश में औसतन करीब 20 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मानसून सीजन में अब तक 272.49 मिमी के मुकाबले 242.63 मिमी बारिश हुई है। यानी प्रदेश में अब तक सामान्य से 10.96 प्रतिशत कम बारिश हुई है।



आंकड़ों के मुताबिक सात जिलों में औसत से अधिक, 18 जिलों में सामान्य और 16 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। पिछले साल इसी अवधि में प्रदेश में 410.76 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी थी। ऐसे में पिछले साल की तुलना में इस बार मानसून की रफ्तार अभी काफी पीछे है।


 

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