जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। भारत ने पश्चिम एशिया में हालिया हमलों और तनाव बढ़ने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को फिर से निशाना बनाए जाने को भारत ने खासतौर पर रेखांकित किया है। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि ये घटनाएं क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता को गंभीर खतरे में डाल रही हैं।
भारत ने सभी पक्षों से तत्काल संयम बरतने, तनाव कम करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। साथ ही क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति के निर्बाध प्रवाह को बनाए रखने पर जोर दिया गया है। विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है, “भारत सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव घटाने और नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ ऊर्जा आपूर्ति एवं वाणिज्य के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने का आह्वान करता है।”
भारत ने सभी संबंधित पक्षों से संघर्ष के शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान के लिए संवाद और कूटनीति की राह पर लौटने की भी पुरजोर अपील की है। भारत का यह बयान पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की उम्मीदें बनने और टूटने का सिलसिला जारी है। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच अमेरिका और ईरान के बीच संग्राम एक बार फिर शुरू हो गया है।
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अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में तीन जहाजों पर हुए हमले को लेकर बुधवार तड़के ईरान पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए और ईरान को वैश्विक बाजार में कच्चा तेल बेचने की अनुमति देने वाले लाइसेंस को भी रद कर दिया।
अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत को निशाना बनाया। इन देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि युद्धविराम खत्म हो गया है। उन पर और जोरदार हमलों की तैयारी चल रही है।
होर्मुज में तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हमला
न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने कहा कि होर्मुज में मंगलवार को तीन वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान ने हमला किया था। इसके जवाब में उस पर हवाई हमले किए गए। दोनों देशों के बीच फिर लड़ाई शुरू होने से न केवल स्थायी शांति के प्रयासों को झटका लगा है बल्कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज से तेल और गैस की आपूर्ति पर फिर संकट के बादल मंडरा गए हैं।
दोनों देशों के बीच पिछले महीने अंतरिम समझौता हुआ था और स्थायी शांति के प्रयास चल रहे हैं। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमान ने एक इंटरनेट मीडिया पोस्ट में कहा कि उसने ईरान में 80 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें वायु रक्षा प्रणालियां, रडार और एंटी-शिप मिसाइल क्षमताएं शामिल हैं। होर्मुज और उसके आस-पास ईरानी सैन्य बल रिवोल्यूशनरी गार्ड की 60 से ज्यादा छोटी नौकाओं को भी निशाना बनाया गया।
रायटर्स के मुताबिक, ईरानी सैन्य बल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने कहा कि संयुक्त जवाबी कार्रवाई की गई।
उसने दावा किया कि बहरीन में पांचवें अमेरिकी बेड़े और कुवैत में अली अल सलेम एयर बेस के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। एक अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन को भी मार गिराया गया। IRGC ने इन खाड़ी देशों में अमेरिका के 85 ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। बहरीन और कुवैत में मिसाइल हमले को लेकर सायरन की आवाज सुनाई दी।
ईरान के साथ अंतरिम समझौता समाप्त हो गया- ट्रंप
इधर, तुर्किये के अंकारा शहर में नाटो शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने आए ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि ईरान के साथ अंतरिम समझौता समाप्त हो गया है, लेकिन वह वार्ता रहने देंगे। उनके इस बयान से पश्चिम एशिया में फिर युद्ध भड़कने का खतरा बढ़ गया है और इसी के साथ कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। कच्चे तेल की कीमत में प्रति बैरल लगभग पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
अंतरिम समझौते के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि यह समाप्त हो चुका है। वे बातचीत कर सकते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि वे समय बर्बाद कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “वे घटिया लोग हैं, वे बीमार मानसिकता वाले हैं। वे बेरहम और हिंसक हैं। अगर उनके पास परमाणु हथियार होता तो उसका इस्तेमाल जरूर करते।”
ईरान के कई शहरों में धमाके, एक सैनिक की मौत
एपी के अनुसार, ईरान के सरकारी मीडिया ने बंदर महशहर समेत कई स्थानों पर धमाकों की खबर दी। बंदर महशहर में रिवोल्यूशनरी गार्ड का एक सदस्य मारा गया। बुशहर में भी हमले की जानकारी दी, जहां ईरान का परमाणु ऊर्जा संयंत्र है। खार्ग द्वीप पर भी कई धमाकों की आवाज सुनी गई।
अमेरिकी हमलों में किसी नागरिक के मारे जाने की खबर नहीं है, लेकिन कई लोग घायल हुए हैं। जबकि ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “धौंस और जबरन वसूली का दौर खत्म हो चुका है। इससे कोई नतीजा नहीं निकलेगा। हम झुकते नहीं हैं।”
सभी पक्ष संयम बरतें- भारत
पश्चिम एशिया में हाल की घटनाओं पर विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत पश्चिम एशिया में हालिया हमलों और बढ़ते तनाव को लेकर बहुत चिंतित है। ये घटनाएं इस क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद हुई हैं। इन घटनाओं से क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
भारत सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने और आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने का आह्वान करता है। हम सभी पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे इस विवाद का शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान खोजने के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाएं।