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अहमदाबाद प्लेन क्रैश का एक सालः हादसे की वजह पर क्यों है इतना विवाद, क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Byadmin

Jun 12, 2026


अहमदाबाद एयर इंडिया प्लेन क्रैश में मारे गए पायलट क्लाइव कुंदर को अंतिम विदाई देते उनके दोस्त और रिश्तेदार

इमेज स्रोत, Anshuman Poyrekar/Hindustan Times via Getty Images

इमेज कैप्शन, अहमदाबाद एयर इंडिया प्लेन क्रैश में मारे गए पायलट (फ़र्स्ट ऑफ़िसर) क्लाइव कुंदर को अंतिम विदाई देते उनके दोस्त और रिश्तेदार (फ़ाइल फ़ोटो)

पिछले साल 12 जून को जब एयर इंडिया की फ़्लाइट 171 गुजरात के अहमदाबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल हवाई अड्डे से टर्मिनल छोड़कर रवाना हुई, वो गर्म और सूखी दोपहर थी. लंदन की नौ घंटे तीस मिनट की यात्रा के लिए अपनी-अपनी सीटों पर 230 यात्री बैठ गए थे, जिनमें 169 भारतीय और 53 ब्रिटिश नागरिक शामिल थे. उनकी देखभाल के लिए केबिन क्रू के 10 सदस्य थे.

फ़्लाइट डेक पर थे दशकों के अनुभव वाले कैप्टन सुमीत सबरवाल थे और उनके साथ फ़र्स्ट ऑफ़िसर के तौर पर थे युवा सहयोगी क्लाइव कुंदर. टेक-ऑफ़ के सिर्फ़ 32 सेकंड बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे प्लेन पर मौजूद सभी लोग मारे गए, सिवाय एक के. ज़मीन पर भी 19 लोग अपनी जान गंवा बैठे.

हवाई अड्डे की सीसीटीवी फ़ुटेज और सोशल मीडिया पर मौजूद एक वीडियो में विमान सामान्य तरीके से उड़ान भरता दिखाई देता है, लेकिन ऊँचाई हासिल करने के बजाय वह हवा में ठहरा हुआ सा लगता है और फिर धीरे-धीरे नीचे की ओर आने लगता है.

कुछ ही पलों में वह इमारतों और पेड़ों के पीछे ओझल हो जाता है. कुछ सेकंड बाद आग और काले धुएँ का विशाल गुबार उठता है और हादसे की भयावहता साफ़ हो जाती है. हालांकि फ़ुटेज से यह बिल्कुल स्पष्ट नहीं होता कि दुर्घटना की असली वजह क्या थी.

इतने लोगों की मौत क्यों हुई, यह पता लगाना भारत के विमान दुर्घटना जाँच ब्यूरो (एएआईबी) का काम है, जो नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अंतर्गत आता है. अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत, (जो अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संधि के अनुच्छेद 13 में तय है), जिस देश में दुर्घटना होती है वही आधिकारिक जाँच के लिए सीधे तौर पर ज़िम्मेदार होता है.

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