• Mon. Oct 26th, 2026

24×7 Live News

Apdin News

इसराइल के अंदर सैनिकों को ‘नाज़ी’ बताकर प्रदर्शन क्यों, क्या बंट रहा है इसराइली समाज?

Byadmin

Oct 26, 2026


एक विभाजित छवि जिसमें ऊपर विरोध प्रदर्शन कर रहे हरेदी पुरुष और नीचे आईडीएफ सैनिकों की एक पंक्ति दिखाई गई है. छवियों पर लाल और हरे रंग के डिज़ाइन तत्व ओवरले किए गए हैं.

सड़कों पर विरोध करते उग्र प्रदर्शनकारी इसराइली सुरक्षा बलों को “नाज़ी” बताते हुए उनकी निंदा कर रहे हैं. लेकिन यह लंदन या पेरिस की सड़कों पर फ़लस्तीनी लोगों के समर्थन में हो रही रैली नहीं है.

प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच यह झड़प इसराइल के बीचोंबीच हो रही है. यहां सफ़ेद कमीज़, काली फ़ेडोरा टोपी और लंबे काले कोट पहने सैकड़ों अति-रूढ़िवादी यानी अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स यहूदी सैन्य पुलिस के सामने खड़े हैं.

विवाद की शुरुआत यरूशलम और तेल अवीव के बीच स्थित मोदिइन शहर की एक इमारत से हुई. यहां एक युवा अति-रूढ़िवादी यहूदी (हरेदी) रहता है. उसने इसराइल के नियमों के मुताबिक़ अनिवार्य सैन्य सेवा में हाज़िर होने से इनकार कर दिया. पुलिस इसी सिलसिले में उसे गिरफ़्तार करने पहुंची थी.

बीबीसी के वीडियो में दिखाए गए अक्तूबर की शुरुआत के इस घटनाक्रम जैसी कई घटनाएं पिछले कुछ महीनों में सामने आई हैं. इन घटनाओं ने इसराइली समाज में मौजूद एक गहरी दरार को और उजागर किया है.

यह बढ़ती दरार ऐसे समय में सामने आ रही है, जब इसराइल कई मोर्चों पर लड़ रहा है. इनमें ग़ज़ा में हमास के ख़िलाफ़ जारी संघर्ष भी शामिल है. इसके अलावा, क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में फ़लस्तीनियों के ख़िलाफ़ चरमपंथी यहूदी बस्तियों के लोगों की हिंसा भी बढ़ रही है.



By admin