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इसराइल में अरब पार्टियां किसी की भी बना सकती हैं सरकार, कोई क्यों नहीं ले रहा है समर्थन?

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Nov 4, 2026


इसराइल

इमेज कैप्शन, इसराइल की रूढ़िवादी इस्लामिक पार्टी राअम के प्रमुख मंसूर अब्बास 21 अक्तूबर, 2026 को इसराइल के अरब बहुल गाँव अबू गोश में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए

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इसराइल की ज़्यादातर प्रमुख यहूदी नेतृत्व वाली राजनीतिक पार्टियां अरब पार्टियों के समर्थन पर निर्भर रहने से बचती हैं.

इसके पीछे के कारण चुनावी नुक़सान का डर, इसराइल की राष्ट्रीय पहचान और सुरक्षा नीतियों को लेकर मतभेद हैं. इसके अलावा अरब नागरिकों के प्रतिनिधियों को लंबे समय से राजनीतिक रूप से अलग-थलग रखने की प्रवृत्ति को भी अहम कारण माना जाता है.

हालांकि, सभी पार्टियों का रुख़ एक जैसा नहीं है. कुछ यहूदी विपक्षी नेता अरब पार्टियों के साथ सहयोग का समर्थन करते हैं. 2021 में एक अरब पार्टी सरकार में भी शामिल हुई थी.

इस पूरे विवाद का सबसे अहम मुद्दा है राजनीतिक वैधता. यानी क्या यहूदी नेतृत्व वाली पार्टियां अरब पार्टियों को सिर्फ़ संसद के निर्वाचित सदस्यों के रूप में नहीं, बल्कि इसराइल की सरकार चलाने में वैध राजनीतिक साझेदार के रूप में स्वीकार करने को तैयार हैं?

इसराइल में विवाद सिर्फ़ इस बात को लेकर नहीं है कि अरब पार्टियां किसी गठबंधन को बहुमत दिलाने में मदद कर सकती हैं या नहीं, बल्कि यह भी है कि क्या उनके समर्थन को सरकार चलाने का वैध आधार माना जाएगा.

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