डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगा कि उन्होंने नए वोटर्स को जोड़ने और नाम हटाने के मामले में अपने दो चुनाव आयुक्तों को अंधेरे में रखा। इसके एक दिन बाद ही चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर ECINet को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है और कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इसे रद करने की मांग की है।
पिछले साल चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट को ठीक करने के मकसद से स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) शुरू किया था। इस दौरान वोटरों ने ECINet के जरिए फॉर्म और दस्तावेज जमा किए, जिनका इस्तेमाल अधिकारियों ने आगे की कार्रवाई के लिए किया।
‘बेहद गंभीर मामला’
थरूर ने एक्स पर पोस्ट किया, “यह बेहद गंभीर मामला है और इसमें भारतीय नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित करने के साथ-साथ डायलिसिस और ट्रांसप्लांट जैसी जरूरी मानवीय सुविधाओं से भी दूर रखा जा रहा है। राजनीतिक चालबाजी तो बुरी बात है ही लेकिन अमानवीय व्यवहार तो बिल्कुल भी बर्दाश्त करने लायक नहीं है।”
‘नुकसान की भरपाई करना बेहद जरूरी’
उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग को प्रभावित नागरिकों और असल में पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। इस्तीफा तो बस एक छोटी सी मांग है। अब इस विनाशकारी सॉफ्टवेयर को रद करना और इससे हुए नुकसान की भरपाई करना बेहद जरूरी है।”
इसी साल लॉन्च किया गया ऐप
चुनाव आयोग ने इस साल जनवरी में ECINet ऐप लॉन्च किया था। पिछले साल नवंबर में बिहार चुनावों के दौरान इसके बीटा वर्शन का टेस्ट किया गया था। ECINet वेबसाइट और ऐप का इस्तेमाल जनता को चुनाव नतीजों की रियल-टाइम जानकारी देने के लिए किया जाता है, वहीं चुनाव अधिकारी भी इस पोर्टल का इस्तेमाल करते हैं।