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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार की इजाज़त नहीं दी जा सकती.
ट्रंप ने शुक्रवार को कहा, ‘सनकी लोगों’ को परमाणु हथियार रखने की इजाज़त नहीं दी जा सकती.
दरअसल, अमेरिका के 1973 के वॉर पावर्स एक्ट के अनुसार, राष्ट्रपति बिना कांग्रेस की अनुमति के सिर्फ़ 60 दिन तक सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं.
इसके बाद उन्हें या तो कार्रवाई रोकनी होती है या कांग्रेस से अनुमति लेनी होती है. अगर सैनिकों की सुरक्षा से जुड़ी ज़रूरी स्थिति हो तो फिर 30 दिन का अतिरिक्त समय मांगना होता है.
लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इस जंग को जारी रखने के लिए उन्हें अमेरिकी सांसदों की अनुमति की ज़रूरत नहीं है.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “28 फ़रवरी, 2026 को शुरू हुई लड़ाई अब ख़त्म हो गई है. लेकिन अमेरिका ईरान के साथ टकराव जल्दी ख़त्म नहीं करेगा, क्योंकि ऐसा करने पर कुछ सालों बाद हमें फिर वही समस्या झेलनी पड़ सकती है.”
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दुनिया के लिए ख़तरा पैदा करने वाले हर हथियार को ख़त्म करने की कोशिश करेगा, सबसे पहले परमाणु हथियारों को.
उन्होंने आगे कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाना ‘ज़रूरी क़दम’ था. उनका तर्क था कि अगर ऐसा न किया जाता तो ‘ईरान इसराइल और बाक़ी मध्य पूर्व के देशों को तबाह कर सकता था.’
गौरतलब है कि फ़िलहाल अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच युद्धविराम का दौर चल रहा है, लेकिन बातचीत में कोई ख़ास प्रगति अभी तक सामने नहीं आई है.