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ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों में शुक्रवार को जॉर्डन में अमेरिका के दो सैनिकों की मौत हो गई, जबकि एक सैनिक अब भी लापता है. इसकी जानकारी अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने दी.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुताबिक़, चार अमेरिकी सैनिकों को इलाज के लिए जॉर्डन के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था. इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. वहीं, वो सैनिक फिर से ड्यूटी पर लौट आए हैं, जिन्हें मामूली चोट लगी थी.
हालांकि, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने मारे गए सैनिकों की पहचान, घटना की जगह और हमले से जुड़ी अन्य जानकारी साझा नहीं की है.
इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिका ने शनिवार रात ईरान पर एक बार फिर हवाई हमले किए. सेंटकॉम ने इसकी पुष्टि की है.
सेंटकॉम के बयान के अनुसार, लगातार आठवीं रात किए गए इन हमलों का मकसद होर्मुज़ स्ट्रेट में कॉमर्शियल जहाज़ों के लिए ख़तरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को और कमज़ोर करना है.
बयान में कहा गया कि इन हमलों का उद्देश्य इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर की उन ताक़तों को तुरंत जवाब देना है, जिन्होंने पिछली रात जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमला किया था. हालांकि, इस बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी गई.
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब पिछले एक हफ़्ते से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है. अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी दोबारा लागू कर दी है, जबकि ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद कर दिया है.
दोनों देशों के बीच हुआ युद्धविराम एक महीने से भी कम समय में टूट गया.
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