जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव को कम करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। ईरान ने पाकिस्तान के जरिये अमेरिका को नया 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है।
इसी बीच ईरानी मीडिया ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरानी कच्चे तेल पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी ढील देने के संकेत दिए हैं। इसके बाद सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखी गई।
एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि समय तेजी से निकल रहा है, तेहरान को जल्द फैसला करना होगा।
हालांकि, यूएई के बरकाह परमाणु संयंत्र पर ड्रोन हमले और ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के चलते बाजार में भारी उतार-चढ़ाव बना रहा।
दिन में एक समय कच्चे तेल की कीमत तीन प्रतिशत उछलकर 111 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, जो बाद में घटकर 108 डॉलर पर आ गई। तनाव के असर से वैश्विक शेयर बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई।
रॉयटर्स ने ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम के हवाले से बताया कि वार्ता से जुड़े सूत्रों ने दावा किया है कि नए अमेरिकी प्रस्ताव में बातचीत की अवधि के दौरान ईरान पर लगे तेल प्रतिबंधों को हटाने पर सहमति जताई गई है। वहीं पाकिस्तानी सूत्रों ने कहा कि इस्लामाबाद ने ईरान के संशोधित प्रस्ताव को अमेरिका तक पहुंचा दिया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने प्रस्ताव भेजे जाने की पुष्टि की, लेकिन विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया।
पाकिस्तानी सूत्रों के मुताबिक सबसे बड़ी समस्या यह है कि अमेरिका और ईरान लगातार अपने लक्ष्य बदल रहे हैं, जिससे सहमति बनाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि हालात तेजी से बदल रहे हैं और समय बहुत कम बचा है।
वार्ता पर अड़े ईरानी राष्ट्रपति
एएनआइ के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका के साथ प्रत्यक्ष वार्ता की नीति का जोरदार बचाव करते हुए घरेलू आलोचकों को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि केवल विरोध के लिए संवाद से दूरी बनाना तर्कसंगत नहीं है।
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पेजेशकियान ने सवाल किया, ‘अगर हम बातचीत नहीं करेंगे तो क्या अंत तक लड़ाई ही करते रहेंगे?’ उन्होंने कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए सम्मानजनक तरीके से बातचीत जारी रखेगा। राष्ट्रपति ने क्षेत्रीय तनाव के बीच राष्ट्रीय एकता बनाए रखने पर भी जोर दिया।
होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण मजबूत करेगा ईरानएपी के अनुसार, ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट के संचालन और निगरानी के लिए नए नियामक निकाय ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथारिटी’ (पीजीएसए) के गठन की घोषणा की है।
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने बताया कि पीजीएसए का आधिकारिक एक्स अकाउंट सक्रिय हो गया है और यह होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी वास्तविक समय की सूचनाएं जारी करेगा।
ईरान ने इस महीने की शुरुआत में पीजीएसए की स्थापना की थी। इसे होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले समुद्री यातायात के प्रबंधन और निगरानी की नई व्यवस्था माना जा रहा है।
ट्रंप-नेतन्याहू में ईरान पर चर्चा
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बीच ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर फोन पर चर्चा हुई। इसके बाद नेतन्याहू ने कैबिनेट बैठक बुलाई, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा हालात और संभावित सैन्य तैयारियों की समीक्षा की गई।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका से इजरायल के लिए हथियार लेकर जा रहे कई सैन्य विमानों ने जर्मनी में अस्थायी लैंडिंग की। इजरायली मीडिया इसे ईरान के खिलाफ संभावित युद्ध तैयारियों से जोड़कर देख रहा है।
संघर्षविराम के बावजूद हिजबुल्ला से टकराव जारी
इजरायल और लेबनान के बीच संघर्षविराम लागू होने के बावजूद हिजबुल्ला और इजरायली सेना के बीच टकराव थम नहीं रहा है। सोमवार को इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में हिजबुल्ला के करीब 30 ठिकानों पर हवाई हमले किए। जवाब में हिजबुल्ला ने भी उत्तरी इजरायल में हमले करने का दावा किया।
इजरायल ने कहा कि उसके हमले में बालबेक क्षेत्र में फलस्तीनी इस्लामिक जिहाद का कमांडर वाएल महमूद अब्द अल हलीम मारा गया। वहीं, हिजबुल्ला ने दावा किया कि उसने गैलीली क्षेत्र में आयरन डोम एयर डिफेंस पोजीशन पर विस्फोटक ड्रोन से हमला किया।