तेहरान में रहने वाले 20 साल के एक युवक ने कहा, “मैं उम्मीद करता हूं कि युद्ध फिर से शुरू नहीं होगा, लेकिन मुझे लगता है कि यह होगा.”
वो कहती हैं, “अब हालात थोड़े शांत हैं, तो मैं ठीक महसूस कर रही हूं, लेकिन मुझे उम्मीद है कि जंग जल्द ख़त्म हो जाएगा.”
‘कोई भी नहीं जीत रहा है’
20 साल के एक अन्य युवक ने कहा, “जब अमेरिका और इसराइल हम पर बमबारी कर रहे थे, उन दिनों के मुक़ाबले अब मैं बेहतर महसूस कर रहा हूं, लेकिन मैं बहुत चिंतित हूं.”
“भले ही वे कोई समझौता कर लें, इस कमज़ोर अर्थव्यवस्था के साथ ज़िंदगी बहुत मुश्किल होने वाली है. मुझे उम्मीद थी कि वे समझौते पर पहुंचेंगे, लेकिन अब बेचैनी का एहसास हो रहा है.”
करज में रहने वाले 30 साल के एक शख़्स ने कहा कि उनका मानना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नवंबर में होने वाले मिड टर्म चुनावों के कारण समझौता करने के लिए तैयार नहीं होंगे.
उन्होंने कहा, “यह मेरी व्यक्तिगत राय है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि अमेरिका पीछे हटेगा.”
“किसी भी तरह से पीछे हटना उन्हें चुनाव हारने पर मजबूर कर देगा.”
एक अन्य शख़्स, जो जनवरी में ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों की हत्या से नाराज़ थे. उन्होंने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक के साथ बातचीत करना बेकार है. उन्होंने इस्लामिक रिपब्लिक को “इस देश के बच्चों का हत्यारा” बताया.
उन्होंने आगे कहा, “मैं उन रातों को कभी नहीं भूलूंगा जब वे मेरी आंखों के सामने सड़कों पर गोली चला रहे थे.”
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी (एचआरएएनए) के मुताबिक़, ईरानी सुरक्षा बलों ने जनवरी में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई की, जिसमें कम से कम 6,508 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई और 53,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया.
ईरान के फॉरेंसिक मेडिसिन ऑर्गेनाइज़ेशन के प्रमुख ने कहा कि अधिकारियों ने हाल के युद्ध में मारे गए 3,375 लोगों के शवों की पहचान कर ली है.
ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता के नए दौर के लिए अभी कोई तारीख़ तय नहीं हुई है, और ईरान के लोग एक बेहद अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहे हैं.
(बीबीसी पर्शियन, बीबीसी न्यूज़ की फ़ारसी भाषा की सेवा है, जिसका इस्तेमाल दुनिया भर में 2.4 करोड़ लोग करते हैं. इनमें से ज़्यादातर लोग ईरान में रहते हैं. ईरानी अधिकारी इसे ब्लॉक करते हैं और नियमित रूप से इसमें रुकावट डालते रहते हैं.)
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.