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ऋतब्रत जो अब भी ममता को बता रहे हैं अपना नेता वही कैसे उनके लिए बन गए ‘सबसे बड़ा संकट’

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Jun 4, 2026


तृणमूल में ऋतब्रत की गिनती ममता बनर्जी के नज़दीकियों में होती थी

इमेज स्रोत, RITABRAT0/Facebook

इमेज कैप्शन, तृणमूल में ऋतब्रत की गिनती ममता बनर्जी के नज़दीकियों में होती थी

बुधवार को पार्टी के 58 से ज़्यादा विधायकों के समर्थन से ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस विधायक दल का नेता चुन लिया गया. यह विडंबना ही है कि ऋतब्रत के राजनीतिक करियर की यह ऊंचाई ममता बनर्जी के लंबे राजनीतिक करियर के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हुई है.

करीब 28 साल पहले तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद पार्टी के तमाम फ़ैसले ममता ही लेती रही हैं. यह पहली बार है कि किसी दूसरी पार्टी (सीपीएम) से आने वाले एक नेता ने पार्टी से निकाले जाने के बाद उसके दो-तिहाई विधायकों को अपने खेमे में कर लिया है.

वामपंथी छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (एसएफ़आई) से छात्र राजनीति की शुरुआत करने वाले ऋतब्रत की ख़ासियत यह है कि वह जिस पार्टी में रहे शीर्ष नेताओं के ‘ब्लू आइड बॉय’ (चहेते व्यक्ति) रहे. वह चाहे वाममोर्चा सरकार में मुख्यमंत्री रहे बुद्धदेव भट्टाचार्य हों या फिर उसके बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी.

बीते करीब एक दशक के दौरान उनके राजनीतिक करियर का उतार-चढ़ाव किसी को भी अचरज में डाल सकता है.

बीते महीने विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सार्वजनिक तौर पर सलाहकार संस्था आई-पैक और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ख़ासकर महासचिव अभिषेक बनर्जी को कटघरे में खड़ा करने वाले ऋतब्रत ने एक महीने के भीतर ही तृणमूल कांग्रेस को दो-फाड़ की हालत में पहुंचा दिया है.

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