एएनआई, नई दिल्ली। अहमदाबाद में एअर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 दुर्घटना में अपने परिजनों को खोने वाले करीब 30 परिवारों ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू को पत्र लिखकर जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी लाने की मांग की है। परिवारों ने कहा कि उन्हें जांच की प्रगति की नियमित जानकारी नहीं मिल रही है और अंतिम रिपोर्ट जारी होने की स्पष्ट समयसीमा भी तय नहीं की गई है।
उन्होंने आग्रह किया कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) अंतिम रिपोर्ट जारी करने से पहले स्वतंत्र फुल फ्लाइट सिमुलेटर परीक्षण कराए, ताकि प्रारंभिक रिपोर्ट में बताए गए घटनाक्रम का निष्पक्ष सत्यापन हो सके।
साथ ही परिवारों को हर 15 या 30 दिन में जांच की प्रगति से अवगत कराया जाए और उनके साथ बैठक आयोजित कर सवालों के जवाब दिए जाएं। पत्र में यह भी मांग की गई है कि जांच टीम में बोइंग-787 उड़ाने और विमान दुर्घटना जांच का अनुभव रखने वाले वरिष्ठ वाणिज्यिक पायलट को शामिल किया जाए तथा पीड़ित परिवारों पर ऐसा कोई दस्तावेज हस्ताक्षर करने का दबाव न बनाया जाए, जिससे अन्य जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ उनके कानूनी अधिकार प्रभावित हों।
परिवारों ने कहा कि वे केवल सच्चाई, निष्पक्ष जांच, नियमित संवाद और अपने अधिकारों की सुरक्षा चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि 12 जून 2025 को अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एअर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें विमान में सवार 241 लोगों और जमीन पर मौजूद 19 लोगों सहित कुल 260 लोगों की मौत हुई थी।
नागरिक उड्डयन मंत्री पहले ही कह चुके हैं कि जांच अंतिम चरण में है और एएआईबी जल्द ही अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगा। वहीं एएआइबी ने शुक्रवार को बताया कि विमान प्रणालियों, फ्लाइट रिकार्डर और इंजन से जुड़े साक्ष्यों की जांच में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और सभी तथ्यों का समग्र विश्लेषण किया जा रहा है।