• Fri. Oct 9th, 2026

24×7 Live News

Apdin News

‘एक भी संतरा बाज़ार नहीं पहुंचा, पूरे बाग़ सूख गए’: महाराष्ट्र के सैकड़ों किसानों का दर्द

Byadmin

Oct 9, 2026


अपने संतरे के बाग में बैठे रामचंद्र राणे.
इमेज कैप्शन, रामचंद्र राणे जैसे किसानों की संतरे की फसल बर्बाद हो गई है और उन पर लाखों को कर्ज़ है

“खेती के लिए तीन लाख रुपये का कर्ज़ लिया. घर के लिए पांच लाख रुपये का कर्ज़ लिया. कुल आठ लाख रुपये का कर्ज़ है. अब खेत की हालत ऐसी हो गई है. समझ नहीं आ रहा कि कर्ज़ कैसे चुकाऊं. मेरी पत्नी काम पर जाती है और उसी की कमाई से घर चल रहा है. मुझे पूरी रात नींद नहीं आती.”

महाराष्ट्र के अमरावती ज़िले के मोर्शी में संतरे की खेती करने वाले रामचंद्र राणे अपना दर्द बता रहे थे.

राणे छोटे किसान हैं. उनके पास दो एकड़ ज़मीन है, जिस पर संतरे का बाग़ लगा है.

लेकिन इस साल पेड़ों पर बहुत कम संतरे आए. बारिश के बीच लंबा अंतर होने की वजह से जो संतरे लगे, उनका आकार भी नहीं बढ़ा. इसलिए उन्हें बाज़ार में खरीदार नहीं मिल रहे हैं. अब कर्ज़ कैसे चुकाएंगे और आगे जीवन कैसे चलेगा? राणे के सामने यही सवाल है.

विदर्भ के संतरे और उससे जुड़ा करोड़ों का कारोबार

इस साल महाराष्ट्र में सूखा पड़ा है. इसका संतरे और मौसंबी के बाग़ों पर क्या असर हो रहा है, यह जानने के लिए हम उन इलाक़ों में पहुंचे, जहां अच्छी क्वालिटी के इन फलों की खेती होती है.

By admin