आईएएनएस, नई दिल्ली। अगर आप मोबाइल या कंप्यूटर पर गेम खेलते हैं, तो आज से आपके अनुभव में बदलाव दिख सकता है। सरकार ने एक मई 2026 से ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम लागू कर दिए हैं, जिनका मकसद खेल को ज्यादा सुरक्षित, साफ-सुथरा और भरोसेमंद बनाना है।
सरकार का कहना है कि इन नियमों से जहां खिलाड़ियों को ठगी या गलत तरीकों से सुरक्षा मिलेगी, वहीं गेम बनाने वाली कंपनियों के लिए भी स्पष्ट नियम तय हो जाएंगे।
अब हर गेमिंग प्लेटफार्म को रजिस्ट्रेशन कराना होगा और अपनी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। अगर किसी खिलाड़ी को शिकायत है, तो उसके लिए तय समय में सुनवाई और समाधान का प्रविधान भी रखा गया है।
कौन सा गेम सही, कौन सा नहीं, अब साफ होगानए नियमों में यह भी तय किया गया है कि कौन से गेम सिर्फ मनोरंजन या कौशल (ई-स्पोर्ट्स/सोशल गेम्स) के लिए हैं और कौन-से ऐसे हैं जिनमें पैसे का दांव लगता है।
अगर किसी गेम में पैसा लगाकर कमाई की उम्मीद है, तो उसे सख्त नियमों के दायरे में रखा जाएगा। सरकार 90 दिनों के भीतर यह तय करेगी कि कोई गेम किस श्रेणी में आता है। इससे खिलाड़ियों को भी साफ समझ मिलेगी कि वे किस तरह का गेम खेल रहे हैं।
कंपनियों की जिम्मेदारी बढ़ी
अब गेमिंग कंपनियों को यूजर डाटा की सुरक्षा का खास ध्यान रखना होगा। साथ ही उन्हें एक जिम्मेदार अधिकारी तय करना होगा, जिससे खिलाड़ी सीधे संपर्क कर सकें। भुगतान से जुड़े नियमों का पालन भी अनिवार्य होगा, ताकि किसी तरह की धोखाधड़ी न हो।
तेजी से बढ़ रहा है गेमिंग का बाजार
भारत में ऑनलाइन गेमिंग तेजी से बड़ा बाजार बनता जा रहा है। 2024 में इस सेक्टर का कारोबार 2.32 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें ज्यादातर हिस्सा उन गेम्स का है जहां लेन-देन होता है। आने वाले समय में यह बाजार और बढ़कर 2027 तक 3.16 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
गौरतलब है कि पहले ही लागू कानून के तहत पैसे लगाकर खेले जाने वाले आनलाइन गेम्स पर प्रतिबंध है। इनके विज्ञापन और भुगतान पर भी रोक है, और नियम तोड़ने पर जुर्माने के साथ जेल तक की सजा हो सकती है।