जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अमोनियम नाइट्रेट जैसे खतरनाक पदार्थ को ऑनलाइन बेचने की सुविधा देना डायल4ट्रेड टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को भारी पड़ा है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने कंपनी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
कंपनी के प्लेटफॉर्म पर अमोनियम नाइट्रेट की लिस्टिंग से लेकर उसके विज्ञापन और बिक्री तक की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन यह सुनिश्चित नहीं किया गया कि खरीदने वाला व्यक्ति इसके लिए अधिकृत है या नहीं।
ऑनलाइन मिल रहा था विस्फोटक
सीसीपीए की मुख्य आयुक्त एवं उपभोक्ता मंत्रालय की सचिव निधि खरे ने जांच में पाया कि प्लेटफॉर्म पर अमोनियम नाइट्रेट सामान्य उत्पाद की तरह खरीद के लिए उपलब्ध था।
खरीदार से यह नहीं पूछा जा रहा था कि उसके पास इसे खरीदने का वैध लाइसेंस है भी या नहीं। इसका भी सत्यापन नहीं किया गया था कि विक्रेता के पास पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) का जरूरी लाइसेंस है या नहीं।
इतना ही नहीं, खरीद-फरोख्त के दौरान लागू नियमों और बिना अनुमति इस पदार्थ को रखने या इस्तेमाल करने के कानूनी नतीजों की जानकारी भी नहीं दी गई थी।
मामला इसलिए भी गंभीर था, क्योंकि उत्पाद की लिस्टिंग के साथ विस्फोटक और उसके प्रभाव दिखाने वाले चित्र लगाए गए थे। सीसीपीए के मुताबिक, ये तस्वीरें सुरक्षा चेतावनी देने के बजाय लोगों का ध्यान उत्पाद की ओर खींचने वाली थीं।
प्राधिकरण ने साफ किया कि ऑनलाइन मार्केट-प्लेस पर किसी उत्पाद को इस तरह लोगों के सामने पेश करना भी विज्ञापन माना जाएगा। ऐसे में किसी नियंत्रित और खतरनाक पदार्थ को सामान्य सामान की तरह बेचने की पेशकश और उसके लिए जरूरी लाइसेंस की जानकारी नहीं देना भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापार व्यवहार है।
प्राधिकरण के सामने डायल4ट्रेड ने सफाई दी कि वह केवल बिजनेस-टू-बिजनेस मार्केट-प्लेस है और उसके प्लेटफॉर्म पर उत्पादों की लिस्टिंग तीसरे पक्ष के विक्रेता डालते हैं। इसलिए उसकी जिम्मेदारी नहीं बनती। सीसीपीए ने इस तर्क को नहीं माना। जांच में पाया गया कि किसी संस्थान या अधिकृत खरीदार की पहचान जांचने की व्यवस्था भी नहीं थी।
सीसीपीए ने यह भी कहा कि केवल शिकायत मिलने के बाद ऐसी लिस्टिंग हटाना पर्याप्त नहीं है। खतरनाक पदार्थों के मामले में प्लेटफॉर्म को बिक्री शुरू होने से पहले ही विक्रेता और खरीदार की जरूरी जांच करनी होगी। डायल4ट्रेड के पास विक्रेताओं को रोकने और उत्पाद हटाने की क्षमता थी, इसलिए वह पूरी तरह जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।
सात अन्य प्लेटफॉर्म भी जांच के दायरे में
अन्य सात ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की भी जांच की जा रही है। अमोनियम नाइट्रेट के अलावा गन पाउडर, पिक्रिक एसिड और पीईटीएन जैसे खतरनाक पदार्थों की ऑनलाइन उपलब्धता भी देखी जा रही है।
इंडियामार्ट, जस्टडायल, सिग्मा-एल्ड्रिच इंडिया, एक्सपोर्ट्स इंडिया, आइबायकेमिकल्स, अल्फा केमिका और ट्रेडइंडिया भी जांच के दायरे में हैं।
सीसीपीए का कहना है कि ऐसे पदार्थों की बिना जरूरी जांच बिक्री से सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इसलिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रतिबंधित पदार्थ आम वस्तु की तरह आसानी से उपलब्ध न हों।