डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आज से ठीक एक वर्ष पहले 7 मई की रात भारत के प्रतिशोध का प्रतीक बनी थी। पहलगाम आतंकी हमले के जिम्मेदार सीमा बार स्थित आतंकी ढांचे का समूल नाश करने के लिए भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। रात 1:44 बजे सशस्त्र सेनाओं ने ब्रह्मोस और स्कैल्प मिसाइलों से आतंकी ढांचे पर जबरदस्त प्रहार किए।
22 मिनट में कुल 9 आतंकी ठिकानों को मटियामेट कर दिया। आपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर पेश हैं, 6 स्तंभ जो एक नए भारत को दर्शाते हैं, जो स्पष्ट सोचता है, मजबूत योजना बनाता है और सही समय पर निर्णायक कार्रवाई करता है।

1. भारत की नियंत्रित युद्धनीति
भारत ने सिर्फ 88 घंटों में दुश्मन को अधिकतम नुकसान पहुंचा चार दिनों के अंदर अपनी शर्तों पर अभियान समाप्त किया।
आंतकियों पर सटीक हमला, नागरिकों को नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा नहीं। पाकिस्तान की वायुसेना की 20% क्षमता ध्वस्त कर दी।

2. आतंकी ढांचे पर प्रहार
लश्कर ए तैयबा, जैश ए मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख आतंकी ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया।
100 से अधिक आतंकी मारे गए, इसमे आइसी 814 विमान अपहरण और पुलवामा हमले में शामिल आतंकी भी शामिल थे।
परमाणु हमले की धमकी से डराने की पाकिस्तान की रणनीति को खोखला साबित किया।

3. अधिकतम नुकसान
एक ऑपरेशन में परमाणु संपन्न देश के 11 एयरबेस पर सटीक प्रहार करने वाला भारत पहला देश बना। आतंकी ठिकानों का चयन बेहद 9 सटीक रणनीति का तान किया गया, जिससे अधिकतम आतंकियों को निशाना बनाया जा सके।

4 दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्त्ति
पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने सिर्फ डोजियर सौंपने की नीति से आगे बढ़ कर निर्णायक कार्रवाई का रास्ता चुना। सशस्त्र बलों को पूर्ण आपरेशनल स्वतंत्रता दी गई। सिंधु जल संधि को स्थगित करके भारत ने साफ कर दिया कि पानी और खून साथ साथ नहीं बह सकते। संदेश बिल्कुल स्पष्ट थाः पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।

5. एकजुट हुआ राष्ट्र
इसरो ने अंतरिक्ष को रणनीतिक बढ़त में बदल दिया। 10 उपग्रहों के जरिये जल, थल, नभ में लगातार खुफिया निगरानी सुनिश्चित की गई।

6. ये है नया भारत
भारतीय सांसदों ने 32 देशो में जाकर पाकिस्तानी दुष्प्रचार का मजबूती से जवाब दिया। दुनिया ने भारत की कार्रवाई को देखा-स्टीक, निडर, स्वदेशी और एकजुट आपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया कि आत्मनिर्भर भारत युद्ध के लिए तैयार है।