इमेज कैप्शन, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि जिस जहाज़ पर हमला हुआ उसमें मौजूद सभी भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित हैं
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भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को ओमान के तट के पास भारतीय झंडे वाले एक जहाज़ पर हुए हमले की निंदा करते हुए इसे “अस्वीकार्य” बताया है.
वहीं समुद्री सुरक्षा निगरानी एजेंसियों और भारत ने कहा कि ये मालवाहक जहाज़ डूब गया है.
भारत ने बुधवार तड़के हुए इस हमले को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं दी.
विदेश मंत्रालय ने न तो जहाज़ का नाम बताया गया और न ही यह स्पष्ट किया कि भारत जहाज़ पर हमले के लिए किसे जिम्मेदार मानता है.
भारत के बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने इस बारे में और जानकारी साझा की है.
गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने एक लिखित बयान में कहा कि ओमान के तट के पास बुधवार सुबह भारतीय झंडे वाले जहाज़ पर हुआ हमला अस्वीकार्य है.
बयान में लिखा है, “हम इस बात की निंदा करते हैं कि व्यावसायिक जहाज़ों और नाविकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है.”
मंत्रालय ने आगे कहा, “जहाज़ पर मौजूद सभी भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और उन्हें बचाने के लिए हम ओमान प्रशासन का धन्यवाद करते हैं.”
हालांकि, मंत्रालय ने इससे जुड़ी ज्यादा जानकारी नहीं दी.
शिपिंग मंत्रालय ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने भारतीय झंडा लगे जहाज़ पर हमले की जानकारी साझा की
बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने भी इस घटना के बारे में जानकारी साझा की है.
उन्होंने कहा, “मैं एक दुखद घटना की जानकारी भी देना चाहता हूं. ‘हाजी अली’ नाम का लकड़ी से बना और मोटर से चलने वाला जहाज़ सोमालिया से संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह जा रहा था. 13 मई 2026 की सुबह ओमान के समुद्री क्षेत्र में उस पर कथित तौर पर हमला हुआ. इससे जहाज़ में आग लग गई और बाद में वह डूब गया.”
मुकेश मंगल ने बताया, “जहाज़ पर सवार सभी 14 चालक दल के सदस्यों को ओमान कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बचा लिया और उन्हें ओमान के डिब्बा पोर्ट पहुंचाया गया है. चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं.”
उन्होंने बताया इस घटना के अलावा बीते 72 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज़ या भारतीय क्रू वाले जहाज़ पर किसी घटना की जानकारी नहीं मिली है.
उन्होंने कहा कि भारतीय और अन्य जहाज़ों पर तैनात सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं.
इमेज कैप्शन, हमले के बाद जहाज़ जिस जगह डूबा वो होर्मुज़ स्ट्रेट के दक्षिण में स्थित है
समाचार एजेंसी एएफ़पी ने समुद्री सुरक्षा कंपनी वेनगार्ड के हवाले से बताया है कि 14 सदस्यीय चालक दल वाले इस मालवाहक जहाज़ का नाम एमएलनी हाजी अली है.
कंपनी के मुताबिक़, ओमान के लिमाह तट के पास ये जहाज़ विस्फोट के बाद डूब गया है. ये जगह होर्मुज़ स्ट्रेट के दक्षिण में स्थित है.
वेनगार्ड ने कहा कि जहाज़ सोमालिया के अलगाववादी क्षेत्र सोमालीलैंड के बेरबेरा से संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह तक पशुओं को ले जा रहा था.
इसी दौरान हाजी अली नाम के इस जहाज़ पर “ड्रोन या मिसाइल हमले से हुआ संदिग्ध विस्फोट” हुआ.
वेनगार्ड के मुताबिक, “जहाज़ में आग लग गई, जिसके बाद चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा और इसके बाद में जहाज़ डूब गया.”
इंडिया टुडे के मुताबिक़ हाजी अली गुजरात के ‘देवभूमि द्वारका’ ज़िले के सलाया बंदरगाह पर रजिस्टर्ड है. ये जहाज़ सुबह साढ़े तीन बजे ओमान के उत्तरी तट के पास लीमा के क़रीब से गुज़र रहा था, इससे एक विस्फोटक चीज़ टकराई.
विस्फोट के बाद जहाज़ में आग लग गई और उसका संतुलन गड़बड़ाने लगा. इसके बाद जहाज़ डूब गया.
पहले भी जहाज़ों पर हो चुके हैं हमले
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इमेज कैप्शन, ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने भारत आए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने जहाज़ पर हमले को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है
28 फरवरी को अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से कम से कम दो अन्य भारतीय झंडे वाले जहाज़ों पर भी हमला हो चुका है.
भारत ने पिछले महीने नई दिल्ली में ईरान के राजदूत को तलब किया था और इन घटनाओं को लेकर अपनी “गहरी चिंता” जताई थी.
ईरान युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र में व्यावसायिक जहाज़ों के लिए ख़तरा काफी बढ़ गया है. संघर्ष शुरू होने के बाद से कई जहाजों पर हमले हुए हैं या उन्हें नुकसान पहुंचा है.
28 फरवरी को अमेरिका और इसराइल के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाज़ों की आवाजाही पर काफी हद तक रोक लगा दी है.
आठ अप्रैल से लागू नाजुक युद्धविराम के बावजूद अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर रखी है.
खाड़ी क्षेत्र के समुद्री मार्गों और होर्मुज़ स्ट्रेट में जारी व्यवधानों के कारण तेल और गैस बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ रहा है.
इससे भारत जैसे ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर दबाव बढ़ रहा है.
भारत में ब्रिक्स समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने आए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने इस हमले का ज़िक्र नहीं किया है. लेकिन कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट उन सभी व्यावसायिक जहाज़ों के लिए खुला है, जो ईरानी नौसेना के साथ ‘सहयोग’ करते हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित