डिजिटल डेस्क, पुणे। महाराष्ट्र में आने वाले महीनों में दूध की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। चारे की कमी कारण दूध के उत्पादन पर असर पड़ रहा है और डेयरियों के लिए दूध खरीदने की लागत बढ़ रही है।
दूध की कीमत में बढ़ोतरी की वजह सितंबर में पड़ने वाली गर्मी है, सूखे की वजह से चारे की कमी हुई है। कम बारिश की वजह से चारे की उपलब्धता पर असर दिखना अभी से शुरू हो गया है।
महाराष्ट्र में क्यों बढ़ रहे दूध के दाम?
महाराष्ट्र राज्य दूध व्यावसायिक संगठन के सचिव प्रकाश कुटवाल ने कहा, ‘पिछले दो-तीन महीनों में किसानों को दूध खरीदने के लिए दिए जाने वाले दाम लगभग 35 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 42 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं।’
कुटवाल ने आगे कहा, ‘सूखे से प्रभावित जिलों में चारे के स्टॉक पर भी दबाव बढ़ रहा है। हमने पहले बिक्री की कीमत में सिर्फ 2 रुपये की बढ़ोतरी की थी। आने वाले दिनों में हमें बिक्री की कीमत और बढ़ानी पड़ सकती है।’
कुटवाल ने कहा कि खराब मॉनसून का असर चारे और दूध की उपलब्धता पर पड़ने लगा है। उन्होंने कहा, ‘अगर बारिश कम होती है तो हमारे पास मौजूद घास अगले ही दिन खत्म नहीं हो जाती। इसका असर धीरे-धीरे होता है। वह असर अब शुरू हो गया है और अगले एक-दो महीनों में यह और साफ दिखेगा।’
1 अक्टूबर से बढ़े दूध के दाम
प्रकाश कुटवाल ने कहा, ‘पिछले दो-तीन महीनों में दूध खरीदने की कीमतें 7 रुपये प्रति लीटर बढ़ी हैं, जिसमें 1 अक्टूबर को कीमत 41 रुपये से बढ़कर 42 रुपये हो गई थी।’
कुटवाल ने कहा, ‘अगर दूध खरीदने की कीमतें बढ़ती रहीं, तो चारे की ज्यादा लागत, दूध की कम उपलब्धता और मिलावट के खिलाफ सख्ती के बाद सप्लाई में कमी, इन सब वजहों से दूध की खुदरा कीमतों पर और दबाव पड़ सकता है।’