डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के बाद भी कुछ विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी मिली हैं।
विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) के बाद दो अलग-अलग जगह की मतदाता सूचियों में एक ही मतदाता के नाम और डुप्लिकेट वोटर आईडी नंबर सामने आए हैं। ये मामला दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों का है। इस गलती के सामने आने के बाद से चुनाव आयोग ज्यादा सतर्क हो गया है।
सीईओ ने स्वीकार की खामी
सीईओ (मुख्य निर्वाचन अधिकारी ) ने आवेदनों की प्रक्रिया में हुई खामियों को स्वीकार किया है। इसको लेकर एक स्पष्टीकरण शनिवार को जारी किया गया। इस स्पष्टीकरण में सीईओ ऑफिस से बताया गया कि मतदाता आवेदनों को संभालने में हुई दो अलग-अलग गलतियों के कारण ये मामला सामने आया है।
इस वजह से हुई गलती
पहले मामले में, कुछ आवेदकों ने एसआईआर के दौरान ‘सिटिजन सर्विस पोर्टल’ के माध्यम से एक से अधिक ‘फॉर्म 6’ जमा कर दिए। चूंकि हर आवेदन को अलग-अलग प्रोसेस किया गया, इसलिए अनजाने में एक ही मतदाता के लिए कई एपिक नंबर (इलेक्टर फोटो आइडेंटिटी कार्ड) जनरेट हो गए।
घर बदलने से भी बदला विधानसभा क्षेत्र
दूसरा मामला उन लोगों से जुड़ा है जिन्होंने घर बदल लिया। जिन मतदाताओं ने अपना निवास स्थान एक विधानसभा क्षेत्र से दूसरे विधानसभा क्षेत्र में बदल लिया उनका विधानसभा क्षेत्र भी बदल गया। हालांकि, पता बदलने के लिए उनके ‘फॉर्म 8’ आवेदनों को मंजूरी मिल गई और उनके नाम नए विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में जुड़ गए, लेकिन पुराने विधानसभा क्षेत्र से नाम हटाने के लिए दिए गए ‘फॉर्म 7’ आवेदन लंबित रह गए। इसके परिणामस्वरूप, उनके नाम दोनों जगहों की मतदाता सूचियों में दिखाई देने लगे।
अब आगे क्या होगा
अब इन मामलों को जिला निर्वाचन अधिकारियों, अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों के पास भेज दिया गया है, ताकि वे कानून के अनुसार इनकी जांच कर सकें और आवश्यक सुधार कर जरूरी कार्रवाई कर सकेंगे। बता दें कि सीईओ दफ्तर से मिले स्पष्टीकरण में यह नहीं बताया गया कि कितने मतदाता प्रभावित हुए और सुधार कब किए जाएंगे।