डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार इस बात पर जोर देते हुए दिल्ली जा रहा हैं, कि उनकी कैबिनेट में महिलाओं को जगह जरूर मिलेगी। महिलाओं के प्रतिनिधित्व को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और बीजेपी के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बीच तीखी बहस के बाद ये भरोसा और भी अहम हो गया है।
खबरों के मुताबिक, शिवकुमार रविवार शाम दिल्ली के लिए रवाना होंगे और रविवार और सोमवार को कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और अन्य सीनियर नेताओं से मुलाकात करेंगे। चर्चा में इस महीने की शुरुआत में शामिल किए गए 19 मंत्रियों को विभाग सौंपने, जिसमें किसी महिला को शामिल करने की संभावना भी शामिल है, पर बात होने की उम्मीद है।
कर्नाटक कैबिनेट में महिला को मिल सकती है जगह
कांग्रेस आलाकमान द्वारा नेता बदलने पर सहमति के बाद शिवकुमार में जून में सीएम का पद संभाला था। उनकी शुरुआती मंत्रिपरिषद में 14 मंत्री थे, जिसके बाद 3 अगस्त को विस्तार हुआ और 19 और मंत्रियों ने शपथ ली।
इस विस्तार के बाद मंत्रालय की संख्या शिवकुमार सहित 33 हो गई, जबकि संवैधानिक सीमा 34 है। इसलिए एक पद खाली है, और अब यह वह जगह हो सकती है जो जेंडर प्रतिनिधित्व पर चल रही व्यापक बहस के बीच किसी महिला को मिल सकती है।
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महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर राहुल-रिजिजू के बीच बहस
राहुल गांधी ने शुक्रवार को तर्क दिया कि महिला आरक्षण अधिनियम 2023 को परिसीमन से जोड़े बिना लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की महिलाओं की ऊर्जा फंसी हुई है, उन्हें खुद को व्यक्त करने की इजाजत नहीं है, उन्हें कल्पना करने की इजाजत नहीं है।
सोशल मीडिया पर ‘आस्क-मी-एनीथिंग’ सत्र के दौरान उन्होंने तर्क दिया कि मेरे लिए, कोई भी देश सफल नहीं हो सकता अगर उस देश की महिलाएं खुद को व्यक्त नहीं कर रही हैं, हमारी महिलाएं अपनी बात रखे बिना हमारा देश अधूरा और रुका हुआ है।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी के रुख में साफ तौर पर मन बदला है और कांग्रेस से महिला आरक्षण का बिना शर्त समर्थन करने का आग्रह किया। गांधी ने जवाब दिया कि कांग्रेस ने पहले ही उस कानून का समर्थन किया था जिसे 2023 में सर्वसम्मति से पास किया गया था।
उन्होंने कहा कि पार्टी को बस इस बात से दिक्कत है कि इसे परिसीमन से जोड़ा जा रहा है। 2023 के कानून को लागू करें, बिना किसी शर्त के।
इसके बाद रिजिजू ने बात कर्नाटक की ओर मोड़ दी। मंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘कर्नाटक में डीके शिवकुमार की कैबिनेट में कोई महिला नहीं है। इससे 33% महिला आरक्षण पर कांग्रेस के रुख पर गंभीर सवाल उठते हैं।’ हालांकि, राहुल गांधी ने इस पर कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी।
डीके शिवकुमार ने क्या कहा?
डीके शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस ने ही महिला आरक्षण कानून पेश किया और पास कराया था। मुख्यमंत्री ने शनिवार को बेंगलुरु में कहा कि कर्नाटक में हम निश्चित रूप से इस मुद्दे को सुलझा रहे हैं। रिजिजू को कांग्रेस पार्टी की चिंता करने की जरूरत नहीं है। डीके शिवकुमार ने और भी स्पष्ट संकेत दिया है कि इस कमी को जल्द ही दूर किया जा सकता है।
शिवकुमार ने कहा, ‘हमारी कैबिनेट में निश्चित रूप से किसी महिला के लिए जगह होगी। हम महिलाओं को ज्यादा प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रतिबद्ध है।’
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