डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक के मंत्री ईश्वर खांड्रे ने सोमवार को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) के लिए गांवों का नियमित निरीक्षण करना अनिवार्य कर दिया। जिला पंचायत के सीईओ को सप्ताह में कम से कम दो दिन चार से पांच गांवों का औचक दौरा करने का निर्देश दिया गया है।
विभाग के सचिव को लिखे निर्देश में खांड्रे ने कहा कि सीईओ बिना पूर्व सूचना के ग्राम पंचायतों का दौरा करें, कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच करें, पंचायत विकास अधिकारियों और तालुक कार्यपालक अधिकारियों के कामकाज का जायजा लें, लोगों की शिकायतें सुनें और उनमें से कुछ शिकायतों का मौके पर ही समाधान करें।
खांड्रे ने कहा कि राज्य की 6.13 करोड़ आबादी में से 4.45 करोड़ लोग 26,589 गांवों में रहते हैं। इसलिए जिला पंचायत के सीईओ को ग्रामीण विकास पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल, बेहतर सड़कें, स्वच्छता और रोजगार सुनिश्चित करने से गांवों से शहरों की ओर पलायन रोकने में मदद मिलेगी, शहरी क्षेत्रों पर दबाव कम होगा और ग्रामीण विकास को गति मिलेगी।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)