जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कर्नाटक में कांग्रेस के नए नेतृत्व के चेहरे के तौर पर मुख्यमंत्री पद की बुधवार को शपथ लेने जा रहे डीके शिवकुमार के लिए अपने मंत्रिमंडल में राजनीतिक और सामाजिक समीरकणों में संतुलन बनाने की चुनौती है।
इसके मद्देनजर ही कांग्रेस हाईकमान ने शिवकुमार तथा निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के साथ नई कैबिनेट के स्वरूप पर मंत्रणा की।
शिवकुमार के CM बनने के साथ 2-3 डिप्टी
सिद्धरमैया के समर्थकों को भी नई सरकार में समायोजित किए जाने के पुख्ता संकेत हैं। वहीं सियासी-सामाजिक समीकरण साधने के लिए दो से तीन उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चाएं हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर डीके शिवकुमार और सिद्धरमैया संग हुई बैठक में नई कैबिनेट के चेहरों पर मंत्रणा हुई। खरगे के साथ लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक के प्रभारी कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला भी बैठक में मौजूद थे।
समझा जाता है कि कांग्रेस हाईकमान ने वादे के अनुरूप सिद्धरमैया को आश्वासन दिया है कि सूबे में उनके अहिंदा सामाजिक समीकरणों का ध्यान रखते हुए मंत्रिमंडल में उनके समर्थकों को उचित भागीदारी दी जाएगी।
इस बैठक के बाद नए मंत्रिमंडल के स्वरूप पर सिद्धरमैया तथा शिवकुमार की केसी वेणुगोपाल तथा सुरजेवाला संग अलग बैठकें भी हुई। चूंकि कर्नाटक की सरकार में मुख्यमंत्री समेत 34 मंत्री ही हो सकते हैं। ऐसे में कयास लगाये जा रहे हैं कि उनके साथ 10 मंत्री शपथ ले सकते हैं।
शपथग्रहण में राहुल-प्रियंका होंगे शामिल
शिवकुमार अपने छोटे मंत्रिमंडल के साथ बुधवार को पहले शपथ लेंगे और फिर इसका विस्तार करेंगे। मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री बुधवार को बेंगलुरू में डीके शिवकुमार के शाम 4:05 बजे होने वाले शपथ समारोह में शामिल होंगे।
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पार्टी के सियासी गलियारों में चर्चा है कि राजनीतिक सामाजिक समीकरणों तथा 2028 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए दलित, लिंगायत और अहिंदा तीनों समुदायाें से एक-एक उपमुख्यमंत्री हो सकता है।
दलित समुदाय से वरिष्ठ नेता जी परेमश्वर के साथ प्रियांक खरगे डिप्टी सीएम की दौड़ में शामिल है। इसी तरह सिद्धरमैया के बेटे यतींद्र को भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है और वे खुद हाईकमान से इसका आश्वासन दिए जाने की बात कह चुके हैं।
वैसे भी शीर्ष नेतृत्व सिद्धरमैया को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसलिए संकेत हैं कि सरकार तथा संगठन में तालमेल के लिए एक समन्वय समिति बनाई जा सकती है जिसकी अध्यक्षता सिद्धरमैया को सौंपी जाएगी।
मुख्यमंत्री बनने के बाद डीके शिवकुमार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ना होगा और इसके मद्देनजर नेतृत्व ने उनके उत्तराधिकारी की तलाश भी शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री सतीश जारकीहोली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए प्रबल दावेदार के रूप में देखे जा रहे हैं। कांग्रेस हाईकमान संग सरकार के स्वरूप पर हुई इस मंत्रणा के दौरान कर्नाटक की चार राज्यसभा सीटों के चुनाव पर भी कुछ चर्चा हुई जिसमें तीन सीटें पार्टी को मिलनी तय है।
इसमें मल्लिकार्जुन खरगे की एक सीट पर उम्मीदवारी तय है तो दूसरी सीट पर हाईकमान सिद्धरमैया को उम्मीदवार बनाने के पक्ष में है मगर वे सूबे की राजनीति छोड़ने पर अभी राजी नहीं हुए हैं।
आंध्रप्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष शर्मिला को राज्यसभा की तीसरी सीट देकर नेतृत्व आंध्र में पार्टी को खड़ा करने का बड़ा दांव चलना चाहता है।
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