डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पुणे के हाई-प्रोफाइल केतन अग्रवाल मर्डर केस में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, राजा रघुवंशी और केतन अग्रवाल की हत्याओं के बीच अजीब समानताएं देखने को मिल रहीं हैं।
दोनों ही मामलों में, पीड़ितों को उनके पार्टनर ने पहाड़ की चोटी से नीचे फेंक दिया। जांचकर्ताओं का मानना है कि सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी ने शायद सोनम रघुवंशी द्वारा अपने पति की हत्या के लिए बनाई गई योजना से सबक लिया होगा।

केतन और राजा के केस में मिली समानता
हालांकि दोनों मामलों में समानताएं हैं, लेकिन पुलिस का मानना है कि सिया गोयल ने सोनम रघुवंशी की गलतियों से सीखा कर उससे बेहतर प्लान बनाया। बेहतर इंतजाम किए और मजबूत ‘अलीबी’ (घटना के समय कहीं और होने का सबूत) तैयार किया, जिससे पुलिस के लिए इस मामले को सुलझाना मुश्किल हो गया।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान उन्हें अचानक एक अहम सुराग मिला। ‘स्ट्रीम ऑफ कॉन्शियसनेस’ शैली वाले उपन्यासों की तरह, जांचकर्ताओं को आरोपी के जुर्म कबूलने तक पहुँचने के लिए कई झूठी दलीलों और बहानों की परतों को हटाना पड़ा।
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हालांकि पुलिस कस्टडी में किए गए कबूलनामे की कानूनी अहमियत कम होती है, लेकिन हत्या की जांच में इससे सबूत जुटाने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।

सिया के दिमाग में क्या चल रहा था?
वर्जीनिया वूल्फ के मशहूर ‘स्ट्रीम ऑफ कॉन्शियसनेस’ उपन्यास ‘मिसेज डैलोवे’ की कहानी कहने के अंदाज़ की तरह ही, पुलिस का कहना है कि हत्या की साजिश असल जिंदगी में ठीक वैसे ही रची गई जैसी सिया गोयल के दिमाग में चल रही थी।
इसमें मुख्य किरदार यानी केतन अग्रवाल से शादी से बचने के लिए हत्या को ही एकमात्र रास्ता मानने वाली महिला के मन के विचारों और बाहरी हकीकत के बीच लगातार बदलाव होता रहा।
जब पूछा गया कि क्या सिया गोयल की सोच आपराधिक थी, तो जांच से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, ‘यह हताशा में किया गया अपराध था। निजी रिश्तों और उसकी सोच ने उसे इस नतीजे पर पहुंचाया कि यही इकलौता रास्ता है। परिवारों के बीच लेन-देन की बात ने भी उसके फैसले में भूमिका निभाई।’

सोनम रघुवंशी केस से ली थी ट्रेनिंग
पुलिस को यह भी लगता है कि चेतन और सिया ने हत्या का प्लान बनाते समय बनाते समय पूरी रिसर्च की थी। उन्होंने राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ी खबरों को भी पढ़ा था; बता दें राजा रघुवंशी हत्याकांड की साजिश उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी ने रची थी।
हालांकि राजा रघुवंशी की हत्या के बाद उनकी लाश को एक सुनसान रास्ते पर चट्टान से नीचे फेंक दिया गया था, लेकिन इस मामले की डिटेल्स अलग हैं।
पुलिस के मुताबिक सिया और चेतन, दोनों ने मिलकर केतन को चट्टान से नीचे धकेला था। यह उनकी योजना का हिस्सा था, क्योंकि अगर सिया अकेले उसे धक्का देती, तो शायद उसमें इतनी ताकत नहीं होती कि वह पक्का कर सके कि वह नीचे खाई में गिरे।

सिया गूगल पर क्या सर्च कर रही थी?
पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल के पास से ज़ब्त किए गए मोबाइल फोन की ब्राउजिग हिस्ट्री से पता चलता है कि उसने मेघालय में हुए राजा रघुवंशी हत्याकांड की डिटेल्स देखी थीं।
पुलिस को यह भी पता चला है कि उसने यह भी देखा था कि क्या पुलिस कस्टडी में महिलाओं की पिटाई होती है और महिला कैदियों के क्या अधिकार हैं?
गोयल के घर से जब्त किया गया दूसरा मोबाइल फोन उसकी योजना और उसे अंजाम देने के बारे में और सुराग दे सकता है। इस डिवाइस को फॉरेसिक जांच के लिए भेजा गया है।
इस मामले में राजा रघुवंशी की मां, उमा रघुवंशी ने कहा कि सिया गोयल के अपराध ने उन्हें अपने बेटे और सोनम की याद दिला दी। उनका कहना है कि दोनों आरोपियों में से किसी ने भी अपने किए पर कोई पछतावा नहीं जताया है।
उमा रघुवंशी ने कहा कि सोनम रघुवंशी का जमानत पर बाहर होना ऐसे मामलों में आरोपियों का हौसला बढ़ा सकता है, जबकि शिलांग में राजा रघुवंशी हत्याकांड का ट्रायल चल रहा है।
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