डिजिटल डेस्क, तिरुअनंतपुरम। केरल विश्वविद्यालय के कुलपति मोहनन कुन्नुम्मल ने शनिवार को कहा कि जो लोग वंदे मातरम् नहीं कहते, वे अपनी मां को नहीं जानते। वे यहां मणिविला में आयोजित आरएसएस युवा सम्मेलन “संकल्प 2026 युवा संगमम” को संबोधित कर रहे थे।
कुन्नुम्मल ने कहा कि भारत माता ने ही बच्चों को उनके माता-पिता को सौंपा है। इन बच्चों को एक विकसित भारत के लिए आपके घरों में सौंपा गया है। इन्हें प्रतिभाशाली और अनुकरणीय नागरिक बनाने का दायित्व प्रत्येक गृहस्थ पुरुष और महिला मुखिया का है। मैं कहना चाहूंगा कि यह दायित्व महिला मुखिया पर और भी अधिक लागू होता है, क्योंकि भारत के लिए यह हमारी मां है।
उन्होंने कहा कि इसीलिए देश को भारत माता कहा जाता है। इसीलिए जब हम प्रार्थना करते हैं, तो हम वंदे मातरम् कहते हैं। जो लोग वंदे मातरम् कहने का विरोध करते हैं, वे नहीं जानते कि उनकी माता कौन हैं। लेकिन जो लोग जानते हैं कि उनकी माता कौन हैं, जो लोग समझते हैं कि माता क्या होती हैं, वे हमेशा वंदे मातरम कहेंगे। यही सही तरीका है।
छात्र संगठनों एसएफआई और केएसयू ने आरोप लगाया है कि कुन्नुमल केरल विश्वविद्यालय में आरएसएस के एजेंडे को लागू करने का प्रयास कर रही हैं
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)