इमेज स्रोत, Getty Images
अगर आप अपनी सेहत को लेकर बहुत जागरूक हैं और एनर्जी बढ़ाने का दावा करने वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं तो आप ‘कोम्बुचा’ का निमियित सेवन कर सकते हैं.
चाय को फ़र्मेंट कर बनाए जाने वाले इस पेय पदार्थ को एशिया के कुछ हिस्सों में सदियों से पिया जाता रहा है.
अब इसे आंत के बैक्टीरिया, इम्यून सिस्टम और यहां तक कि स्ट्रेस को कम करने समेत सेहत को बेहतर बनाने के लिए एक सुपरफ़ूड के रूप में प्रचारित किया जा रहा है.
स्टडी में क्या सामने आया?
एबरिस्टविद विश्वविद्यालय के रिसर्चर्स ने यह पता लगाने के लिए एक अध्ययन किया कि जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक कोम्बुचा का सेवन करता है तो उसके शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है.
रिसर्च टीम ने 40 स्वस्थ लोगों पर आठ सप्ताह का एक रैंडम लेकिन नियंत्रित ट्रायल किया, जिसमें एक ग्रुप को रोज़ाना सावधानीपूर्वक नियंत्रित कोम्बुचा पेय दिया गया और दूसरे ग्रुप को फ़्लेवर्ड वॉटर का प्लेसबो दिया गया.
पीयर-रिव्यू जर्नल में प्रकाशित यह ट्रायल डबल-ब्लाइंडेड था, यानी भागीदारों और रिसर्च टीम को यह नहीं पता था कि किस शख़्स को असली कोम्बुचा दिया जा रहा है.
ट्रायल शुरू होने से पहले और बाद में मूत्र और रक्त के सैंपल की जांच की गई ताकि यह देखा जा सके कि कोम्बुचा में पॉलीफेनॉल जैसे पाए जाने वाले कुछ ज्ञात तत्वों का शरीर पर कोई प्रभाव पड़ता है या नहीं.
इस नज़रिये से ट्रायल के सकारात्मक परिणाम सामने आए. रिसर्चर्स को, बेहतर स्वास्थ्य से जुड़े तत्वों के स्तर में सुधार के लक्षण वाले मार्कर दिखाई दिए.
हालांकि, ट्रायल में जिस सवाल को खोजने की कोशिश की गई कि क्या कोम्बुचा पीने से स्ट्रेस कम करने करने में भी मदद मिलती है, उसमें पाया गया कि प्रतिभागियों पर किए गए स्ट्रेस रेस्पांस टेस्ट में इसका कोई प्रभाव नहीं नज़र आया.
इमेज स्रोत, Dr Amanda Lloyd
इस अध्ययन की प्रमुख शोधकर्ता डॉ. अमांडा लॉयड ने कहा, “मेरी टीम चीज़ों की उस रासायनिक प्रकृति को ढूंढ रही है, जो ट्रायल के पहले और बाद के बदलावों में दिखती है.”
“मुझे खाना पसंद है, मुझे इंसान पसंद हैं, मुझे स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों और उसके बाद बने तत्वों को खोजना पसंद है.”
“मुझे चाय में भी दिलचस्पी है. चाय वास्तव में बहुत कॉम्प्लेक्स और गुणों से भरपूर है और जिस तरह से आप इसे फ़र्मेंट करते हैं, जिस तरह आप इसे बनाते हैं, जिस तरह से आप इसे स्टोर करते हैं, इसमें बहुत सारी अलग-अलग चीज़ें बनती हैं जो इसकी रासायनिक संरचना बदल देती है.”
उन्होंने कहा कि टीम ने स्ट्रेस रेस्पांस का अध्ययन करने के लिए विश्वविद्यालय के मनोवैज्ञानिकों को भी साथ लिया. इसका एक मक़सद एक्टिव कंपाउंड्स वाला ऐसा कोम्बुचा तैयार करना था सो समग्र सेहत के लिए फ़ायदेमंद हो.
इमेज स्रोत, Getty Images
क्या आपको कोम्बुचा पीना चाहिए?
इस प्रोजेक्ट को तकनीकी क्षेत्र में इनोवेशन के लिए सरकारी एजेंसी, इनोवेट यूके द्वारा फ़ंड किया गया है.
अमांडा की टीम ने उत्तरी वेल्स की एक कंपनी, कॉनवी कोम्बुचा के साथ मिलकर काम किया, जो कोम्बुचा-आधारित पेय बनाती है, ताकि स्वस्थ लोगों पर कोम्बुचा के असर का अध्ययन किया जा सके.
उन्होंने बताया, “हमने बेहतर कोम्बुचा बनाने के लिए कोम्बुचा कंपनी के साथ आवेदन किया था.”
“हमने वास्तव में अपनी कुछ वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करके ये पता लगाने की कोशिश की कि इसमें क्या मौजूद है, क्या बदल रहा है और समय के साथ जैविक सक्रिय रसायनों के साथ क्या होता है.”
अमांडा का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में कोम्बुचा जैसे ‘फंक्शनल फूड्स’ का इस्तेमाल किया है और वह इस विचार के प्रति सकारात्मक हैं, बशर्ते कि दावों के पीछे तथ्य-आधारित विज्ञान हो.
हालांकि, वो इस बात पर ज़ोर देती हैं कि कोई भी प्रोडक्ट अपने आप में स्वस्थ, संतुलित आहार का विकल्प नहीं हो सकता है.
उन्होंने कहा, “अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो अच्छा खाना खाएं. मुझे ऑफिस में बैठे-बैठे अपनी डेस्क पर सिर्फ ये दिखावटी पेय नहीं चाहिए. मुझे बुनियादी चीज़ों का भी ध्यान रखना होगा.”
“क्या मुझे पर्याप्त प्रोटीन मिल रहा है? क्या कार्बोहाइड्रेट पर्याप्त मात्रा में हैं? क्या इसमें नमक और चीनी कम है? घर का बना खाना या बहुत कम सामग्री वाला खाना. आपको ऐसा भोजन चाहिए जिसमें कम से कम प्रोसेसिंग की गई हो.”
कोम्बुचा के लिए, वह विशेष सलाह देती हैं, “एक पारंपरिक लाइव कोम्बुचा की तलाश करें जिसमें माइक्रोबायोटा जीवित हो. इसका स्वाद बाज़ार में मिलने वाले फ़िज़ी ड्रिंक से अलग होगा. आपको ऐसा पेय चाहिए जो प्राकृतिक रूप से कार्बोनेटेड हो, न कि कृत्रिम रूप से कार्बोनेटेड.”
वह मानती हैं कि सबसे अच्छे प्रोडक्ट की पहचान करना हमेशा आसान नहीं होता है.
वह कहती हैं, “मार्केटिंग में, कई बार यह जानना वाकई मुश्किल होता है. मैं अक्सर सोशल मीडिया पर कुछ देखकर उसे खरीद लेती हूँ. जब सामान आता है, तो मुझे लगता है, अरे यार, मैं क्या सोच रही थी?”
इमेज स्रोत, Dr Emma Short
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और सॉफ्ट टिश्यू पैथोलॉजी में विशेषज्ञता रखने वाली एक सलाहकार हिस्टोपैथोलॉजिस्ट डॉ. एम्मा शॉर्ट, आंत के स्वास्थ्य और माइक्रोबायोम के बारे में भी लिखती हैं.
उन्होंने कहा, “मेरी दिलचस्पी का मुख्य क्षेत्र आंत का माइक्रोबायोम है और हम अपनी सेहत को बेहतर बनाने के लिए अपने माइक्रोबायोम को कैसे बदल और बढ़ा सकते हैं.”
“कोम्बुचा पर काफी शोध हुआ है, लेकिन हाल तक इसका अधिकांश हिस्सा प्रयोगशालाओं में ही किया गया है.”
उनका मानना है कि 2025 से पहले इस पेय को लेकर इंसानों पर किए गए 10 से भी कम अध्ययन थे.
इमेज स्रोत, Getty Images
वो कहती हैं, “लेकिन ये प्रयोगशाला आधारित अध्ययन हैं. जैसा कि हमने कहा है, यह वास्तव में महत्वपूर्ण है कि यह शोध इंसानों पर किया जाए ताकि हम देख सकें कि हम प्रयोगशाला आधारित परिणामों को इंसानों पर किस हद तक लागू कर सकते हैं.”
दवा से उलट, कोम्बुचा में कई अलग-अलग कम्पाउंड होते हैं जो सेहत को प्रभावित कर सकते हैं और इनका स्तर कई कारकों के आधार पर भिन्न हो सकता है.
एम्मा कहती हैं, “इसमें ऑर्गेनिक एसिड, कुछ विटामिन बी, विटामिन सी, मैंगनीज़ और ज़िंक जैसे मिनरल्स मौजूद हैं.”
“कोम्बुचा की सटीक संरचना फ़र्मेंटेशन के समय, तापमान और स्कोबी में मौजूद सूक्ष्मजीवों के आधार पर भिन्न हो सकती है.”
वह कोम्बुचा की शौकीन हैं और पहले खुद भी इसके बैच बना चुकी हैं, साथ ही केफिर, साउरक्रॉट और किमची जैसे अन्य फ़र्मेंटेंड खाद्य पदार्थों का सेवन भी करती हैं.
लेकिन उनका कहना है कि कुछ व्यावसायिक कोम्बुचा के साथ सावधानी बरतने की ज़रूरत है, “आदर्श रूप से आपके कोम्बुचा में केवल चाय, चीनी और स्कोबी (बैक्टीरिया और यीस्ट का मिश्रण) ही होने चाहिए.”
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट… सब एक जगह
कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.