डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गोवा के कुशावती जिले में हाल ही में एक बाग संदिग्ध स्थिति में मरा हुआ पाया गया। हालांकि, राज्य के वन मंत्री विश्वजीत राणे का कहना है कि, शायद जंगली कुत्तों ने बाघ पर हमला किया होगा; जिसके कारण उसकी मौत हुई होगी। इसके साथ ही उन्होंने उसके शिकार होने की संभावना से इनकार किया है।
दरअसल, 2 मई को गोवा-कर्नाटक सीमा पर मोलेम स्थित भगवान महावीर अभयारण्य से कुछ ही दूरी पर, सकोर्डेम गांव में एक वयस्क बाघ का सड़ा-गला शव मिला था। उसके नाखून और दांत गायब थे।
इसके बाद, इस बाघ की मौत की जांच के आदेश दिए गए थे। राणे ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि, वन विभाग की शुरुआती जांच से संकेत मिलता है कि बाघ को शायद जंगली कुत्तों के एक झुंड ने मार डाला हो।
जांच के बाद पता चल सकेगा बाघ के मौत का पक्का कारण
उन्होंने कहा, “गोवा के प्रधान मुख्य वन संरक्षक इस घटना की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही हम इस बारे में विस्तृत जानकारी दे पाएंगे।” मंत्री ने बताया कि यह बाघ शायद कर्नाटक के पड़ोसी ‘काली टाइगर रिजर्व’ से भटककर गोवा के जंगलों में आ गया था।
उन्होंने यह भी बताया कि बाघ अक्सर कर्नाटक से गोवा के वन क्षेत्रों में आ जाते हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या गोवा में स्थायी रूप से रहने वाले बाघ भी हैं, तो राणे ने कहा कि इस सवाल का जवाब देना राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण का काम है।