डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। भाजपा ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने 22 लाख मेहनती छात्रों के भविष्य से ऊपर “क्षुद्र राजनीति” को तरजीह दी है।
पार्टी ने कहा कि विपक्ष छात्रों की चिंता करने के बजाय इस मुद्दे पर राजनीतिक अवसरवाद कर रहा है। दरअसल, राहुल गांधी ने नीट-यूजी पेपर लीक विवाद, सीबीएसई मूल्यांकन प्रक्रिया और तीन-भाषा नीति को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर छात्रों को “विफल” करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लाखों बच्चों का भविष्य “बर्बाद” करने के लिए माफी मांगने की मांग की थी।
‘तुच्छ राजनीति को चुना’
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस रचनात्मक सुझाव देने के बजाय अपने राजनीतिक नैरेटिव को मजबूत करने में लगी है। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर छात्रों के भविष्य के बजाय तुच्छ राजनीति को चुना है।”
भाटिया ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दूसरों को जवाबदेही का पाठ पढ़ाने से पहले उसे अपने शासनकाल के दौरान हुए पेपर लीक, परीक्षा घोटालों और संस्थागत विफलताओं का जवाब देना चाहिए।
‘यह निर्णायक और संस्थागत कार्रवाई है’
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “कांग्रेस की रणनीति छात्रों का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना है।” भाजपा नेता ने कहा कि मोदी सरकार ने नीट पेपर लीक मामले में त्वरित कार्रवाई की है और जांच एजेंसियों ने कथित मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में चल रही कार्रवाई यह साबित करती है कि सरकार अपराधियों को संरक्षण नहीं देती।
भाटिया ने कहा, “यह कोई लीपापोती नहीं है, न ही चुप्पी। यह निर्णायक और संस्थागत कार्रवाई है।” उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार मेहनती और ईमानदार छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है तथा पेपर लीक माफिया के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रखेगी।