डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सरकार ने सोमवार को राज्यसभा को बताया कि देशभर में 68,827 अमृत सरोवर बनाए गए या उनका कायाकल्प किया गया है। इनका इस्तेमाल जल संरक्षण, सिंचाई, मछली पालन, जैव विविधता को बढ़ाने और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
हरियाली बढ़ाने के लिए अमृत सरोवरों के आस-पास 24 लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की गतिविधियों में 11.5 लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। जल शक्ति राज्य मंत्री, राज भूषण चौधरी ने प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 24 अप्रैल, 2022 को भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण के उद्देश्य से मिशन अमृत सरोवर की शुरुआत की थी।
मंत्री ने कहा कि इस मिशन के प्रभाव का आकलन भू-प्रहरी के जरिये किया जा रहा है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेटेलाइट पर आधारित मानिटरिंग सिस्टम है।2022-24 के लिए किए गए विश्लेषण से पता चला कि वर्षा में कमी के बावजूद, औसत तालाब का क्षेत्र 16.3 प्रतिशत बढ़ गया, जबकि सूखे तालाबों की संख्या 42 प्रतिशत कम हो गई, जो जल उपलब्धता में सुधार को दर्शाता है।
मंत्री ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश, असम, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में स्वतंत्र मूल्यांकन किया गया। इसमें पानी की कमी वाले इलाकों में भूजल रिचार्ज में सुधार, खेती योग्य जमीन और कृषि उत्पादकता में बढ़ोतरी, जैव विविधता और कार्बन सोखने की क्षमता पर सकारात्मक असर देखा गया।