• Sat. Aug 29th, 2026

24×7 Live News

Apdin News

जाति जनगणना को लेकर क्या कोई भी राजनीतिक दल सच में गंभीर है?

Byadmin

Aug 29, 2026


नोएडा में जनगणना 2027 के तहत घर-घर सर्वेक्षण का काम करते जनगणना अधिकारी

इमेज स्रोत, Sunil Ghosh/Hindustan Times via Getty Images

इमेज कैप्शन, जून में नोएडा में जनगणना 2027 के तहत घर-घर सर्वेक्षण का काम करते जनगणना अधिकारी; जनगणना के लिए तैयार 40 सवालों में जाति का ज़िक्र सिर्फ़ एक बार किया गया है

जाति की गिनती कैसे होगी? संख्याएँ कैसे गिनी जाएँ? और लोगों की पहचान कैसे की जाए? आम लोगों को यह कोई मुश्किल सवाल नहीं लगेगा.

लेकिन जब पहचान जाति की हो, तो भारत जैसे देश में यह बेहद संवेदनशील मुद्दा बन जाता है. कई बार यह इतना संवेदनशील हो जाता है कि लोग इससे दूरी बनाना ही बेहतर समझते हैं.

करीब दो हफ़्ते पहले एक बड़े अख़बार के ओपिनियन पेज पर चुनाव विश्लेषक और राजनीतिक कार्यकर्ता प्रोफ़ेसर योगेंद्र यादव ने इसी मुद्दे पर अपनी बात रखी थी.

बहुत सरल शब्दों में उनका कहना था कि अगर लोगों से सिर्फ़ एक खुला सवाल पूछा जाए, “आपकी जाति क्या है?”, तो नतीजे 2011 जैसे ही हो सकते हैं.

2011 में सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना कराई गई थी. उस जनगणना में जातियों की संख्या 1931 में दर्ज 4,147 से बढ़कर 4 लाख 67 हज़ार तक पहुँच गई थी.

By admin