डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश भर में हुए बड़े विरोध-प्रदर्शनों के बाद सरकार अब परीक्षा के कानून को और कड़ा बनाने जा रही है। पेपर लीक रोकने वाले 2 साल पुराने कानून में संसोधन करने वाला बिल आज लोकसभा में पेश किया जाएगा। इस बिल पर चर्चा के लिए एनडीए ने युवा सांसदों को चुना है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेंगे। NDA की ओर से भाजपा, TDP, शिवसेना, NCP, अपना दल, LJP (रामविलास) और JDU के कुल 9 सांसद बहस में हिस्सा लेंगे।
नए बिल के मुख्य बिंदु
- सजा और ज्यादा सख्त: परीक्षा में गलत तरीका अपनाने पर 5 से 10 साल जेल और 50 लाख रुपये तक जुर्माना।
- संगठित गैंग पर बड़ी कार्रवाई: अगर पेपर लीक किसी संगठित गिरोह ने किया तो 7 साल से कम नहीं और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना।
- जल्दी इंसाफ: ऐसे मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनेंगे और 2 महीने के अंदर फैसला सुनाना होगा।
- 15 अपराध तय: इसमें पेपर लीक करना, OMR शीट से छेड़छाड़, नकली वेबसाइट और नकली एडमिट कार्ड बनाना शामिल है।
मौजूदा कानून में सजा 3 से 5 साल थी। नए बिल से इसे और बढ़ाया जा रहा है।
संसद में होगी बहस
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी दलों से चर्चा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा, हंगामा करने से अच्छा संदेश नहीं जाएगा। NDA इस बिल पर युवाओं को आगे करेगा। बीजेपी से बांसुरी स्वराज, तेजस्वी सूर्या, TMC से सायनी घोष, TDP, JDU, शिवसेना और अन्य दलों के सांसद भी बोलेंगे।
NEET पेपर लीक को लेकर देश भर में विरोध हुए थे। इसी वजह से पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। सरकार ने कल एक बड़ी टास्क फोर्स भी बनाई है। इसके अध्यक्ष इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि होंगे।
ये टीम आगे की परीक्षाओं को ज्यादा भरोसेमंद बनाने के तरीके सुझाएगी। आज नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी भी प्रश्नकाल में मौजूद रहेंगे और शिक्षा से जुड़े सवालों के जवाब देंगे।