नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे ने बताया कि वह और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की देर रात तक साथ थे। दोनों ने यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने पर चर्चा की। स्टोर ने कहा कि यूक्रेन में लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचाव के लिए हवाई सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जब जेलेंस्की मोल्दोवा से उड़ान भर रहे थे, तब उनका विमान जब जेलेंस्की मोल्दोवा से उड़ान भर रहे थे, तब उनका विमान लगभग एक ड्रोन की चपेट में आने से बाल-बाल बचा।
स्टोरे ने नॉर्वे के मीडिया से बातचीत में कहा, मैं और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की कल रात आधी रात के बाद तक साथ थे। हम इस बात पर चर्चा कर रहे थे कि यूक्रेन को हवाई सुरक्षा देने में कैसे मदद की जा सकती है। यूक्रेन में जो भयानक घटनाएं हो रही हैं, उनसे बचाव के लिए यह जरूरी है। वह आज सुबह मेरे कार्यालय में भी आए थे। उस समय वह फोन पर लगातार जानकारी ले रहे थे कि मिसाइल ने कहां हमला किया है।
उन्होंने कहा, दोनों देशों के उद्योग मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यूक्रेन को सिर्फ हवाई सुरक्षा देना ही नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था भी बनाई जा सके, जिससे यूक्रेन खुद हवाई सुरक्षा प्रणाली बना सके। जब जेलेंस्की मोल्दोवा से उड़ान भर रहे थे, तब उनका विमान लगभग एक ड्रोन की चपेट में आने से बचा।
प्रधानमंत्री स्टोरे ने आगे कहा, उन्हें (जेलेंस्की) समर्थन जुटाने के लिए अलग-अलग देशों की यात्रा करनी पड़ रही है। अब वह कनाडा जा रहे हैं। यहां हमारी दो अच्छी बैठकें हुईं। आज सुबह फिनलैंड के राष्ट्रपति और मैंने भी अपने कार्यालय में जेलेंस्की के साथ अलग से बैठक की।
रूस-यूक्रेन वार्ता फिर शुरू हो सकती है: मार्को रुबियो
उधर, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत फिर शुरू हो सकती है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ हफ्तों में आगे का रास्ता तय करने की कोशिश की जा सकती है। यह बात कीव और मॉस्को में हुई बातचीत के बाद सामने आई है।
रुबियो ने क्या उम्मीद जताई?
रgबियो ने कूटनीतिक कोशिशों को लेकर सावधानी से अपनी बात रखी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर बात भी हुई है। रुबियो ने कोलंबिया के बैरनक्विला में पत्रकारों से कहा, मैं जरूरत से ज्यादा उम्मीद नहीं करना चाहता। लेकिन मैं निराश भी नहीं हूं।
उन्होंने कहा कि अगले कुछ हफ्तों में आगे का रास्ता तैयार करने का मौका है। इससे बातचीत फिर शुरू हो सकती है और शायद दोनों पक्षों को मंजूर समाधान तक पहुंचने की कोशिश भी हो सकती है।
समझौते के लिए क्या जरूरी है?
रूबियो ने साफ कहा कि किसी भी समझौते के लिए रूस और यूक्रेन दोनों की सहमति जरूरी होगी। उन्होंने कहा, युद्ध खत्म करने के लिए दोनों पक्षों को इस पर सहमत होना होगा। रूबियो ने रूस-यूक्रेन युद्ध को मुश्किल बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से दोनों पक्ष समझौते के लिए ज्यादा रियायत देने को तैयार नहीं दिखे हैं। दोनों अपने-अपने रुख पर मजबूती से कायम हैं।