• Tue. Jun 30th, 2026

24×7 Live News

Apdin News

ट्रंप प्रशासन को झटका:सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया जन्म के आधार पर नागरिकता रोकने वाला कार्यकारी आदेश – Us Supreme Court Blocks Trump Administration Birthright Citizenship Order

Byadmin

Jun 30, 2026


अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने जन्म के आधार पर नागरिकता ( बर्थराइट सिटिजनशिप) देने की व्यवस्था बदलने की उनकी कोशिश पर रोक लगा दी। 6-3 के बहुमत से दिए गए फैसले में कोर्ट ने कहा कि 20 जनवरी 2025 को अपने दूसरे कार्यकाल के पहले दिन ट्रंप की ओर से जारी किया गया कार्यकारी आदेश कानून के अनुरूप नहीं है। 

पांच जजों ने कहा कि यह कार्यकारी आदेश अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन का उल्लंघन करता है, जिसके तहत अमेरिका में जन्म लेने वाले लगभग सभी लोगों को नागरिकता मिलती है। वहीं, जज ब्रेट कैवनॉ ने कहा कि यह आदेश संघीय कानून का उल्लंघन करता है, लेकिन संविधान का नहीं।

ट्रंप को अदालतों से एक के बाद एक झटके

हाल के महीनों में सुप्रीम कोर्ट में ट्रंप को यह तीसरा बड़ा झटका लगा है। इससे पहले फरवरी में कोर्ट ने उनकी टैरिफ की नीति को रद्द कर दिया था। वहीं, सोमवार को कोर्ट ने उन्हें फेडरल रिजर्व की अधिकारी लीसा कुक को तुरंत पद से हटाने से भी रोक दिया था।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में 9 में से 6 जज ऐसे हैं, जिन्हें आमतौर पर रूढ़िवादी विचारधारा का माना जाता है। इनमें ट्रंप की ओर से नियुक्त तीन जज भी शामिल हैं। कोर्ट ने कई अन्य मामलों में ट्रंप के पक्ष में भी फैसले दिए हैं।

ट्रंप के कार्यकारी आदेश का क्या मकसद था?

ट्रंप के कार्यकारी आदेश का मकसद संविधान के 14वें संशोधन की नई व्याख्या करना था। इस संशोधन में कहा गया है कि अमेरिका में जन्म लेने वाला और उसके अधिकार क्षेत्र में आने वाला हर व्यक्ति अमेरिकी नागरिक होगा।

ये भी पढ़ें: US-Iran Talks: कतर पहुंचे ट्रंप के दूत विटकॉफ और कुशनर; मध्यस्थों से करेंगे बातचीत, ईरान ने क्या कहा?

प्रस्ताव में क्या था?

ट्रंप के प्रस्ताव के अनुसार, केवल उन्हीं बच्चों को जन्म के आधार पर नागरिकता मिलेगी, जिनके माता-पिता में से कम से कम एक अमेरिकी नागरिक या स्थायी निवासी होगा। अस्थायी वीजा पर आए लोगों या अवैध रूप से अमेरिका में रहने वाले लोगों के यहां जन्म लेने वाले बच्चों को नागरिकता नहीं मिलेगी। हालांकि, निचली अदालतों ने इस आदेश पर पहले ही रोक लगा दी थी और यह कभी लागू नहीं हो सका।

गृहयुद्ध के बाद लागू हुआ था 14वां संशोधन

अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन गृहयुद्ध के बाद लागू किया गया था, ताकि पहले गुलाम रहे अश्वेत लोगों को समान अधिकार मिल सकें। पिछले 100 से अधिक वर्षों से यह माना जाता रहा है कि कुछ सीमित अपवादों, जैसे विदेशी राजनयिकों के बच्चों को छोड़कर, अमेरिका में जन्म लेने वाले लगभग सभी लोगों पर यह प्रावधान लागू होता है।

By admin