पीटीआई, नई दिल्ली। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया है कि केवल मादक पदार्थों की जब्ती तक सीमित रहने के बजाय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क को खत्म करने पर ध्यान केंद्रित किया जाए। तस्करी गिराहों के सरगनाओं और संगठित तस्करी नेटवर्क के खिलाफ मुकदमा चलाने की रणनीति अपनाने पर भी जोर दिया गया।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की ओर से 22-23 सितंबर को यहां आयोजित सम्मेलन के समापन के बाद गुरुवार को जारी किए गए एक बयान में यह जानकारी दी गई।
एनसीबी के बयान के अनुसार, राज्यों को भी केंद्र द्वारा जारी तीन वर्षीय रोडमैप के समान अपने-अपने रोडमैप तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया है ताकि वे अपने-अपने राज्यों में ड्रग्स की समस्या को नियंत्रित कर सकें।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कुछ महीने पहले नेशनल विजन डाक्यूमेंट जारी किया था, जिसमें वर्ष 2029 तक देश को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
अमित शाह ने मंगलवार को इस सम्मेलन का उद्घाटन किया था। बयान में कहा गया, “शाह ने जोर दिया कि नशीले पदार्थों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का समय आ गया है, जो देश और दुनिया के लिए सबसे गंभीर खतरा है।”