जागरण टीम, नई दिल्ली। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक गुरुवार को मौसम ने करवट ली। एनसीआर सहित कई राज्यों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने भीषण गर्मी के बीच राहत पहुंचाई। हालांकि, कुछ स्थानों पर तेज हवाओं और खराब मौसम के कारण जनजीवन भी प्रभावित हुआ।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में मौसम का स्वरूप बदला रहा।
नोएडा 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी
नोएडा और गाजियाबाद में 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया। सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जबकि एक निर्माणाधीन भवन पर काम कर रहे श्रमिक की मौत हो गई।
हरियाणा में धूलभरी आंधी और वर्षा के बीच शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के काफिले की पायलट गाड़ी पर बिजली का पोल गिर गया, जिससे चार पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पंजाब के कई जिलों में आंधी के साथ वर्षा और ओलावृष्टि हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश में शिमला, मंडी और कांगड़ा सहित कई क्षेत्रों में वर्षा और ओलावृष्टि हुई, जिससे सेब, टमाटर, मटर और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा।
उत्तराखंड के आठ जिलों में ऑरेंज अलर्ट
उत्तराखंड में देहरादून और मसूरी समेत कई क्षेत्रों में अंधड़, बारिश और ओलावृष्टि का दौर चला। जम्मू-कश्मीर में भी दोपहर बाद मौसम बदला और कई जिलों में तेज हवाओं के साथ वर्षा हुई। कई स्थानों पर टिन की छतें उड़ गईं और पेड़ों से कच्चे आम झड़ गए। मौसम विभाग ने प्रदेश के आठ जिलों के लिए ओरेंज अलर्ट जारी किया है।
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उत्तर प्रदेश में पश्चिमी जिलों में बादल, बूंदाबांदी और तेज हवाओं का असर दिखा, जबकि राजधानी लखनऊ और मध्य यूपी में गर्मी बनी रही। मौसम विभाग ने पश्चिमी और कुछ पूर्वी जिलों में सात जून तक आंधी और हल्की वर्षा की संभावना जताई है। बिहार में भी उत्तरी जिलों में आंधी-पानी के आसार बने हुए हैं, जबकि दक्षिणी और मध्य भागों में उमस और गर्मी का प्रभाव जारी है।
राजस्थान में धूलभरी हवाओं का दौर जारी रहा। श्रीगंगानगर में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि बीकानेर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा।
मध्य प्रदेश में भोपाल, श्योपुर, विदिशा और हरदा सहित कई जिलों में 70 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलीं और वर्षा हुई। छत्तीसगढ़ में भी प्री-मानसून गतिविधियां तेज रहीं तथा कई जिलों के लिए तेज हवा, वर्षा और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।
उड़ानों पर असर, 12 फ्लाइट डायवर्ट
एनसीआर के मौसम में गुरुवार दोपहर आए बदलाव ने विमान सेवाओं को भी प्रभावित किया। तेज धूल भरी आंधी के साथ हुई वर्षा के कारण दृश्यता (विजिबिलिटी) काफी कम हो गई, जिससे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विमानों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
दिल्ली आ रही करीब एक दर्जन उड़ानों को दूसरे शहरों की ओर डायवर्ट करना पड़ा। दिल्ली से उड़ान भरने वाली कई फ्लाइट एक से दो घंटे तक विलंबित रहीं।
खराब दृश्यता के कारण दिल्ली में लैंडिंग सुरक्षित न होने पर हवा में चक्कर काट रहे विमानों को नजदीकी एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया। इनमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानें शामिल थीं।
कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को डाइवर्जन का सामना करना पड़ा
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में जिन्हें डाइवर्जन का सामना करना पड़ा, वे बैंकाक, फुकेट और मस्कट से दिल्ली आ रही थीं। इन उड़ानों को भी लखनऊ, जयपुर और चंडीगढ़ की ओर डायवर्ट करना पड़ा।
वहीं, प्रभावित घरेलू उड़ानें मुंबई, गोवा, कोलकाता, प्रयागराज, जम्मू, पुणे, पूर्णिया और अमृतसर से दिल्ली आ रही थीं। इन्हें लखनऊ, जयपुर और चंडीगढ़ जैसे शहरों की ओर डायवर्ट किया गया।