‘दिवाली दीये के बिना अधूरी है, मगर लगता नहीं मेरे बच्चे ये काम करेंगे’
प्रकाशित
जब दिवाली आती है, तो मिठाइयों के साथ मिट्टी के दीये भी खूब बिकते हैं.
दिवाली मनाने के लिए दीये जलाने का यह रिवाज़ सदियों पुराना है और मिट्टी के दीये बनाने की पारंपरिक कला भी.
लेकिन गुजरात में दीये बनाने वाले अब इस बात से परेशान हैं कि उनकी अगली पीढ़ी यह कला नहीं सीखेगी.
इस डर के पीछे क्या वजह है? देखिये यह वीडियो.
रिपोर्ट: श्याम बक्शी
एडिट: रिपुल मकवाना
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट… सब एक जगह
कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.