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नफरती वीडियो देख आतंकी बने पांच युवा; 8 बार किया था धमाके का ट्रायल; गुजरात ATS का बड़ा खुलासा

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Jul 17, 2026


डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) द्वारा जैश-ए-मोहम्मद से प्रेरित पांच नए आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि ये आरोपी किसी बड़े विदेशी नेटवर्क के इशारे पर नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया में मौजूद कट्टरपंथ और नफरत भरे वीडियो देखकर खुद ही तबाही की राह पर चल पड़े थे।

पकड़े गए आरोपियों का मुख्य केंद्र पालनपुर और भरूच के मदरसे थे, जहां इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं के दिमाग में देश विरोधी जहर घोला जा रहा था।

नफरती किताबें पढ़ रहे थे आरोपी

एटीएस के उपमहानिरीक्षक (DIG) सुनील जोशी ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए बताया कि आरोपियों के पास से बरामद हुआ आपत्तिजनक और नफरत भरी किताबें इतनी खतरनाक है कि कोई भी सामान्य लड़का अगर इनके संपर्क में आ जाए या इसे पढ़ ले, तो वह देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त हो सकता है।

इतना ही नहीं इस गुट के पास से पाकिस्तानी आतंकवादी मौलाना मसूद अजहर के नफरत भरे वीडियो, जैश-ए-मोहम्मद का झंडा और ‘मुजाहिद जिहाद कैसे करें’ जैसी आपत्तिजनक किताबें बरामद हुई हैं, जिन्हें ये नए लड़कों में बांट रहे थे।

ऑनलाइन सामान मंगाकर 8 बार किया बम धमाके का ट्रायल

इसके अलावा जांच में यह बात भी सामने आई है कि इन युवाओं में बम धमाके करने का विचार पूरी तरह से इनका अपना था, यानी इसके पीछे अभी तक बाहर से जुड़ी कोई सीधी कड़ी नहीं मिली है।

डिजिटल दुनिया से प्रेरित होकर इन आरोपियों ने खतरनाक कदम उठाए। मुख्य आरोपी अमद जामिया अबुल हसन और उसके गुट ने साल 2023 से फरवरी 2024 के बीच अलग-अलग जगहों पर 8 बार आईईडी (IED) और टाइमर बम से धमाका करने का प्रयोग ट्रायल भी किया था।

ऑनलाइन शॉपिंग से मंगाया सामान

सामने आई जानकारी में बताया गया है कि आरोपी मोहम्मद अमीन शेरा सहित अन्य लोग इंटरनेट मीडिया के माध्यम से बम बनाने की ट्रेनिंग ले रहे थे और इसके लिए जरूरी केमिकल व सामान ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स के जरिए मंगवाते थे। पुलिस ने इनके पास से 130000 रुपये कैश और बम बनाने का सामान जब्त किया है।

डिजिटल सबूत जुटाने में लगी एटीएस

एटीएस के डीसीपी हर्ष उपाध्याय और डीसीपी के सिक्करवार के मार्गदर्शन में आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। इस मामले में डिजिटल सबूत पुख्ता करने के लिए एटीएस ने इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और मेटा (फेसबुक/व्हाट्सएप) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से भी इस संबंध में पूरी जानकारी मांगी है ताकि उनकी ऑनलाइन गतिविधियों का पूरा खाका तैयार किया जा सके।

गौरतलब यह पूरी कार्रवाई 8 जुलाई 2024 को दर्ज हुई उस एफआईआर (FIR) का हिस्सा है, जिसमें गैरकानूनी गतिविधियों (UAPA) और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत अब तक कई आरोपियों को नामजद किया जा चुका है। फिलहाल गुजरात एटीएस, राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने में जुटी है।

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