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नीरज हत्याकांड:12 दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर अहम आरोपी बलराम, मास्टरमाइंड की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश – Jaipur Murder Case: Balram Still Evading Arrest, Police Believe He Holds The Missing Pieces Of The Murder Plot

Byadmin

Jul 15, 2026


जयपुर के बहुचर्चित नीरज शर्मा हत्याकांड में बेटी आयुषी शर्मा समेत सात आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। पुलिस ने सड़क हादसे की गुत्थी को सुनियोजित हत्या में बदलने वाली साजिश का खुलासा भी कर दिया है लेकिन इस हाई-प्रोफाइल केस की सबसे अहम कड़ी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। घटना के बाद से फरार चल रहा बलराम शर्मा उर्फ रवि जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बना हुआ है। पुलिस का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद ही इस हत्याकांड के कई ऐसे राज सामने आएंगे, जिन पर अभी पर्दा पड़ा हुआ है।

करीब दो सप्ताह पहले हुई नीरजा शर्मा की मौत को शुरुआत में सड़क हादसा माना गया था लेकिन सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर की सूचना और तकनीकी जांच ने पुलिस को उस कथित साजिश तक पहुंचा दिया, जिसमें बेटी आयुषी शर्मा, उसके ताऊ मोहन शर्मा, सुपारी लेकर वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके बावजूद पुलिस का दावा है कि पूरे घटनाक्रम की सबसे अहम कड़ी बलराम शर्मा अब भी गिरफ्त से बाहर है।

आखिर क्यों सबसे अहम है बलराम?

पुलिस की जांच में बलराम सिर्फ फरार आरोपी नहीं, बल्कि पूरे घटनाक्रम की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बनकर सामने आया है। जांच के दौरान सामने आया कि पिता विजय शर्मा की मौत के बाद आयुषी और उसका चचेरा भाई बलराम लगातार साथ रहे। दोनों ने साथ में एलएलबी में दाखिला लिया और लंबे समय तक एक ही घर में रहे। मृतका के भाई राकेश शर्मा ने आरोप लगाया है कि दोनों के बीच करीबी संबंध थे और बलराम किसी वीडियो के जरिए आयुषी को ब्लैकमेल भी करता था। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।

पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान करोड़ों रुपये की संपत्ति, अनुकंपा नियुक्ति और पारिवारिक विवाद को लेकर बेटी आयुषी ने अपनी मां को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस कथित षड्यंत्र में बलराम की भूमिका केवल सहयोगी की नहीं, बल्कि पूरी साजिश को जोड़ने वाली अहम कड़ी की थी। यही वजह है कि पुलिस का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद ही इस हत्याकांड के कई अनसुलझे सवालों के जवाब मिल सकेंगे।

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गौरतलब है कि नीरज शर्मा की हत्या की पहली कोशिश कथित तौर पर थार वाहन से की गई थी, लेकिन वे बच गईं। इसके बाद उन्होंने अपने घर में लोहे की जाली लगवाई और चार सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए। आरोप है कि पहली योजना विफल होने के बाद कथित साजिशकर्ताओं ने नया प्लान बनाया और किराये की स्कॉर्पियो से टक्कर मारकर हत्या को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की।

नीरज के वकील का दावा

फरार आरोपी बलराम शर्मा की गिरफ्तारी को लेकर नीरज के वकील चंद्रप्रकाश शर्मा ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि इस पूरे मामले का सबसे बड़ा राज तभी सामने आएगा, जब बलराम पुलिस की गिरफ्त में होगा। उनके अनुसार बलराम केवल एक आरोपी नहीं बल्कि पूरे घटनाक्रम का मुख्य सूत्रधार है और उससे पूछताछ कई अहम खुलासे करा सकती है। चंद्रप्रकाश शर्मा का दावा है कि बलराम ने योजनाबद्ध तरीके से आयुषी को अपने प्रभाव में लिया। उनके अनुसार बलराम के संपर्क में आने के बाद आयुषी का स्वभाव पूरी तरह बदल गया। वर्ष 2025 के बाद वह पूरी तरह बलराम के प्रभाव में आ गई और परिवार से दूरी बनाने लगी।

एक मुखबिर ने बदल दी पूरी जांच

घटना के बाद पुलिस के पास शुरुआत में सिर्फ इतना सुराग था कि एक सफेद स्कॉर्पियो टक्कर मारकर फरार हुई है। इसी दौरान एक मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी कि कई दिनों से कॉलोनी में हरियाणा नंबर की संदिग्ध स्कॉर्पियो घूम रही थी। इसके बाद पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, स्कॉर्पियो तक पहुंची और फिर एक-एक कर पूरे षड्यंत्र का खुलासा होता चला गया।

पिता की मौत भी जांच के घेरे में

मामले ने नया मोड़ तब लिया, जब मृतका के भाई राकेश शर्मा ने पुलिस को शिकायत देकर आयुषी और बलराम की भूमिका पर सवाल उठाते हुए विजय शर्मा की मौत की भी जांच कराने की मांग की। उनका आरोप है कि पिता की मौत भी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी और उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए सभी बिंदुओं की जांच का भरोसा दिया है।

जयपुर पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं लेकिन पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी अभी भी गायब है। पुलिस की टीमें राजस्थान के साथ अन्य राज्यों में भी लगातार बलराम की तलाश कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद ही कथित साजिश, पैसों के लेन-देन, परिवार के भीतर चल रहे विवाद और हत्या की पूरी योजना से जुड़े कई सवालों के जवाब मिल सकेंगे।

अब भी बाकी हैं कई सवाल 

क्या नीरज शर्मा की हत्या की योजना सिर्फ संपत्ति और अनुकंपा नियुक्ति के लिए बनाई गई थी? क्या पिता विजय शर्मा की मौत से जुड़े आरोपों में कोई सच्चाई है? क्या परिवार के भीतर चल रहा विवाद ही इस कथित साजिश की सबसे बड़ी वजह था? इन सभी सवालों के जवाब फिलहाल पुलिस की जांच और फरार बलराम की गिरफ्तारी पर टिके हुए हैं।

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