नेपाल-तिब्बत सीमा के पास मंगलवार को 5.0 तीव्रता का भूकंप आया। यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर 143 किलोमीटर की गहराई में था। भूकंप के झटके के बाद अभी तक किसी के हताहत होने या बड़े पैमाने पर नुकसान की तत्काल सूचना नहीं मिली है। जानकारी के अनुसार, तिब्बत तक भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।
अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। फिलहाल भूकंप से हुए नुकसान की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। भूकंप के कारण क्षेत्र में मौजूद भूगर्भीय गतिविधियों का भी पता चलता है। अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का जायजा लिया जा रहा है।
EQ of M: 5.0, On: 08/09/2026 21:38:39 IST, Lat: 29.022 N, Long: 83.978 E, Depth: 143 Km, Location: Nepal.
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— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) September 8, 2026
तीन सितंबर को तिब्बत में आया था भूकंप
तिब्बत में तीन सितंबर दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 मापी गई। भूकंप के झटके दोपहर करीब 1:46 बजे दर्ज किए गए। भूकंप का केंद्र तिब्बत में ही था। इसकी गहराई जमीन के अंदर करीब 14 किलोमीटर बताई गई है। भूकंप का लोकेशन तिब्बत क्षेत्र में दर्ज किया गया। फिलहाल भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
तीन सितंबर को आए भूकंप के झटके नेपाल, तिब्बत के साथ ही भारत के उत्तराखंड में महसूस किए गए थे। तीन सितंबर को तिब्बत में आया भूकंप उत्तराखंड के जोशीमठ से करीब 116 किमी दूर आया था।
पहले ही त्रासदी की मार झेल रहा तिब्बत
26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने के बाद तिब्बत को भीषण बाढ़ मार झेलनी पड़ी है। चीन सीमा से जुड़े इलाके में बड़े पैमाने पर तबाही देखने को मिली है। वहीं, पड़ोसी देश नेपाल में भी इस बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। नेपाल में आई बाढ़ में अब तक 1358 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 5326 लोग अभी भी लापता हैं।