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नेहा बोरा हिरासत से आईं बाहर, बताया अपना अनुभव

Byadmin

Oct 17, 2026


नेहा बोरा

इमेज कैप्शन, नेहा बोरा को शनिवार सुबह हिरासत से रिहा किया गया
प्रकाशित

पढ़ने का समय: 7 मिनट

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन यानी आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को शनिवार सुबह हिरासत से रिहा कर दिया गया.

नेहा बोरा को शुक्रवार शाम में दिल्ली पुलिस ने लहरा दो तिरंगा मार्च के दौरान हिरासत में ले लिया था.

हिरासत से बाहर आने की जानकारी नेहा ने अपने एक्स हैंडल से भी दी है.

नेहा ने लिखा है, ”मुझे रिहा कर दिया गया है. मैं चाहती हूं कि अभिजीत दीपके को रिहा किया जाए. साथ ही दिल्ली पुलिस हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा करे. लोकतंत्र और संविधान के लिए लड़ने को अपराध नहीं बनाया जा सकता!”

इससे पहले देर रात तक उनके समर्थक दिल्ली पुलिस से पूछते रहे कि नेहा कहाँ हैं.

वीडियो कैप्शन, दिल्ली प्रोटेस्ट से निपटने का दिल्ली पुलिस का तरीका कितना सही?

उन्होंने कहा था, ” ये अघोषित आपातकाल है. असहमति से डरने वाली सरकार अब एक पूरी पीढ़ी को चुप कराने के लिए डराने-धमकाने की कोशिश कर रही है. यह एक फासीवादी शासन का आचरण है. ये सरकार ऐसी आवाज़ को बर्दाश्त नहीं कर पा रही है, जिसे वो नियंत्रित नहीं कर सकती.”

अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा, “यह खुली तानाशाही के अलावा कुछ नहीं है. क्या तिरंगा फहराना अपराध है? अभिजीत की गिरफ़्तारी दिखाती है कि मोदी जी उनसे कितना डरते हैं.”

उन्होंने एक्स पर लिखा, “उनके ठिकाने की जानकारी दिए बिना उन्हें हिरासत में रखना खुले तौर पर ग़ैर-क़ानूनी और बेहद अमानवीय है. केंद्र सरकार को उन्हें तुरंत रिहा करना चाहिए और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाना बंद करना चाहिए. आंदोलन को कुचलने की हर कोशिश उसे और मज़बूत ही करेगी.”

जेएनयूएसयू की पूर्व अध्यक्ष आइशी घोष ने कहा, “पहले हम पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन गए थे और अब मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन आए हैं. हमें सिर्फ़ गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करानी थी क्योंकि हमें अभी पता चला कि नेहा आरके पुरम में हैं और हमारा एक प्रतिनिधिमंडल वहां भी गया है.”

उन्होंने कहा, ” हम अभी तक अभिजीत का ठिकाना नहीं ढूंढ पा रहे; जहाँ भी जाते हैं, वे किसी और पुलिस स्टेशन का नाम बता देते हैं. यह बहुत ग़लत है. और एक बात, आप लड़कियों को हिरासत में ले रहे हैं. सात बजे के बाद उन्हें हिरासत में लेकर रखना ग़ैर-क़ानूनी है.”

वीडियो कैप्शन, सीजेपी फ़ाउंडर अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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