नौ साल की उम्र तक स्कूल से दूर रहे सोनम कैसे शिक्षा के लिए जाने गए
प्रकाशित
बीते कुछ समय से देश के जानेमाने शिक्षाविद् और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ख़बरों में रहे हैं.
कभी लद्दाख को संविधान की छठवीं अनुसूची में शामिल कराने की अपनी मांगों के लिए आमरण अनशन को लेकर, तो कभी लद्दाख से दिल्ली तक उनके मार्च को लेकर.
अब एक बार फिर वह अपने आमरण अनशन को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं.
लेकिन इस बार वजह लद्दाख नहीं, देश की शिक्षा व्यवस्था है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित