आईएएनएस, नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को भारत में परिसीमन प्रक्रिया को लेकर पाकिस्तान के बयान को सिरे से खारिज कर दिया।
इस्लामाबाद ने उन खबरों पर प्रतिक्रिया दी थी, जिनमें कहा गया था कि भारत का परिसीमन विधेयक, 2026 गुलाम जम्मू-कश्मीर में निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के लिए एक कानूनी ढांचा प्रस्तुत करता है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में परिसीमन प्रक्रिया को अवैध और कानूनी रूप से महत्वहीन बताया था।
शुक्रवार को नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अपने आंतरिक मामलों में किसी भी प्रकार की दखलंदाजी को खारिज करता है।
एएनआई के अनुसार, कानूनी दायित्वों और क्षेत्रीय कूटनीति के बीच नाजुक संतुलन बनाते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण के अनुरोध की समीक्षा कर रहा है। बांग्लादेश की ओर से कानूनी और न्यायिक चैनलों के माध्यम शेख हसीना के प्रत्यर्पण का भारत को औपचारिक अनुरोध मिला है।
रॉयटर के अनुसार, भारत ने 2028 में होने वाले संयुक्त राष्ट्र वार्षिक जलवायु सम्मेलन (काप-33) की मेजबानी के लिए अपना प्रस्ताव वापस ले लिया है। रॉयटर ने इस महीने दो सरकारी अधिकारियों के हवाले से बताया था कि भारत ने कॉप-33 की मेजबानी का प्रस्ताव वापस ले लिया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में इस बात की पुष्टि की कि भारत ने अपना प्रस्ताव वापस ले लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2023 में शिखर सम्मेलन की मेजबानी का प्रस्ताव रखा था।
रणधीर जायसवाल ने बताया कि पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से भारत 2361 लोगों को ईरान से सुरक्षित वापस लाने में सफल रहा है। इन लोगों में भारतीय छात्र, मछुआरे और तीन विदेशी नागरिक शामिल हैं। इनमें से 2060 लोग आर्मेनिया के रास्ते और 301 अजरबैजान के रास्ते आए।