पीटीआई, भंडारा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत समय पर किस्त मिलने की उम्मीद कर रही महाराष्ट्र की एक महिला किसान उस समय उलझन में पड़ गई, जब उसके मोबाइल पर संदेश (मैसेज) आया कि उसके खाते में केवल एक पैसा आया है।
जबकि उसे दो हजार रुपये की किस्त मिलनी थी। हालांकि, कृषि विभाग ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि मैसेज एक तकनीकी खराबी की वजह से आया था।
सोमवार को मीडिया से बात करते हुए भंडारा जिले के जेवनाला गांव की 65 वर्षीय लाभार्थी महिला के बेटे खेमराज गिरेपुंजे ने बताया कि परिवार उस समय हैरान रह गया, जब उनकी मां लक्ष्मीबाई के मोबाइल पर मैसेज आया कि योजना के तहत किस्त के तौर पर उनके बैंक खाते में 0.01 रुपये जमा किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें बीज और खाद के लिए पैसों की बहुत जरूरत थी। भंडारा जिले की कृषि अधिकारी संगीता माने ने स्पष्ट किया कि लाभार्थी को यह मैसेज शायद तकनीकी खराबी की वजह से चला गया होगा।
उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड के अनुसार, किसान के बैंक खाते में दो हजार रुपये की किस्त सफलतापूर्वक जमा कर दी गई थी।