पीटीआई, पुणे। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा की।
साथ ही पार्टी ने छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर अपना एग्जाम मेनिफेस्टो जारी किया, जिसमें पेपर लीक, परीक्षा स्थगन और परिणामों में देरी से प्रभावित छात्रों को मुआवजा देने सहित कई मांगें शामिल हैं।
सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित प्रदर्शन में दीपके ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुधारों की जरूरत है।
मेनिफेस्टो में मांग की गई है कि पेपर लीक, परीक्षा स्थगित होने या परिणाम में देरी की स्थिति में सभी प्रभावित छात्रों को 10-10 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए।
यदि छात्र परीक्षा देने के लिए दूसरे शहर पहुंचे हों तो उन्हें घर लौटाने के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जाएं और मुफ्त यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
पार्टी ने यह भी मांग की है कि किसी कारणवश परीक्षा रद होने पर 72 घंटे के भीतर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दोबारा परीक्षा कराई जाए।
उत्तरपुस्तिकाओं के ऑनलाइन मूल्यांकन के साथ भौतिक सत्यापन की व्यवस्था हो तथा परीक्षा रद होने या परिणाम में देरी के कारण आयु सीमा पार करने वाले अभ्यर्थियों को आयु में छूट दी जाए।
सीजेपी ने कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं से पहले परीक्षा प्रणाली की अनिवार्य तकनीकी ऑडिटिंग कराने की भी मांग की है।