इमेज स्रोत, United Nations
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत की स्थायी मिशन की प्रथम सचिव अनुपमा सिंह ने कहा है कि जम्मू और कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा.
अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में हो रही हिंसा का ज़िक्र करते हुए पाकिस्तान पर कई आरोप लगाए.
अनुपमा सिंह ने कहा, “जम्मू और कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा. एकमात्र अधूरा मुद्दा पाकिस्तान का भारतीय क्षेत्रों पर अवैध क़ब्ज़ा और उनका वापस आना है. पाकिस्तान का झूठा प्रचार पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर में हो रहे अत्याचारों की सच्चाई को नहीं छिपा सकता.”
उन्होंने आगे कहा, “रावलाकोट में जारी त्रासदी, सैकड़ों नागरिकों की हत्या और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर में हो रही हिंसक कार्रवाई उस व्यवस्था का नतीजा है जो जबरन क़ब्ज़े पर बनी है और दमन से चल रही है.”
अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान पर आरोप लगाते हुए कहा कि दशकों से इनकी सेना ज़मीन पर क़ब्ज़ा कर रही है.
उन्होंने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर का ज़िक्र करते हुए कहा, “जनसंख्या में ज़बरदस्ती बदलाव और लोगों को बुनियादी आज़ादियों से वंचित करने की वजह से हालात इतने बिगड़ गए हैं कि अब अगर कोई रोटी, बिजली, अपने अधिकार या इज़्ज़त की मांग करता है तो उसे गोलियों और हिंसा से दबा दिया जाता है.”
गौरतलब है कि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में हिंसा की घटनाएँ सामने आई हैं. प्रतिबंधित संगठन ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी की मांग है कि यहां की विधानसभा में आरक्षित सीटों की व्यवस्था ख़त्म की जाए.
इन सीटों पर ऐसे उम्मीदवार चुनाव लड़ते हैं जो पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में नहीं बल्कि पाकिस्तान के दूसरे हिस्सों में रहते हैं.