नई दिल्ली, आईएएनएस । सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा को बताया कि 29 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यरत 775 फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों ने 2025 में 66,500 मामलों का निपटारा किया, जबकि पिछले साल के अंत में 2.45 लाख मामले लंबित थे।
इन फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों में यौन अपराधों से बच्चों के बचाव के लिए बने कानून पोक्सो से संबंधित 398 अदालत शामिल हैं।
2023-24 के आंकड़ें
कानून और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों ने 2024 में 85,595 मामलों और 2023 में 76,319 मामलों का निपटारा किया था।
2019 में हुई थी शुरुआत
मंत्री ने कहा कि दुष्कर्म और पोक्सो के तहत अपराधों से जुड़े लंबित मामलों की तेजी से सुनवाई और निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें बनाने की योजना 2019 में शुरू की गई थी। 790 फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें स्थापित करने की इस योजना को 30 सितंबर, 2026 तक बढ़ाया गया है।
मंत्री ने जिला और अधीनस्थ अदालतों के लिए बुनियादी ढांचे की सुविधाओं की एक और केंद्र-प्रायोजित योजना के बारे में भी जानकारी दी। इस योजना के तहत, 1993-94 से केंद्र और राज्यों के बीच तय फंड-शेयरिंग के आधार पर राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों को वित्तीय सहायता दी जाती है।