• Wed. Sep 9th, 2026

24×7 Live News

Apdin News

फिनटेक फेस्ट में पीएम मोदी ने दिया मंत्र: वैश्विक बने UPI, विदेशों से पैसा भेजना हो और भी सस्ता

Byadmin

Sep 9, 2026


राज्य ब्यूरो, मुंबई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2026 के सातवें संस्करण का उद्घाटन करते हुए भारत की डिजिटल वित्तीय क्रांति के अगले चरण का एजेंडा सामने रखा।

उन्होंने फिनटेक इकोसिस्टम से कहा कि वे भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) की वैश्विक पहुंच को और बढ़ाएं, इसे दूसरे देशों की स्थानीय प्रणाली से जोड़ें और विदेश में रह रहे भारतीयों को रेमिटेंस (विदेश से भेजी जाने वाली रकम) की लागत बचाने में मदद करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब फिनटेक का लक्ष्य केवल भुगतान को आसान बनाना नहीं, बल्कि छोटे कारोबारियों और आम लोगों की जरूरत के अनुरूप वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराना भी होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने साइबर सुरक्षा, नैतिक डाटा मानक और उपभोक्ता संरक्षण को तकनीकी नवाचार के बराबर महत्व देने पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने डिजिटल सार्वजनिक ढांचे के माध्यम से वित्तीय सेवाओं को बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचाने में सफलता हासिल की है। अब इस ढांचे का लाभ देश की जमीनी अर्थव्यवस्था तक और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की आवश्यकता है।

उन्होंने छोटे दुकानदारों, उद्यमियों और वंचित वर्गों के लिए उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुरूप वित्तीय उत्पाद तैयार करने का आह्वान किया। इसका उद्देश्य ऐसे कारोबारों को ऋण, बीमा और अन्य वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच देना है, जिन्हें पारंपरिक व्यवस्था में अक्सर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

पीएम मोदी ने फिनटेक क्षेत्र से कहा कि तकनीक के विस्तार के साथ सुरक्षा व्यवस्था भी उतनी ही मजबूत होनी चाहिए। उन्होंने अगले दौर के तकनीकी बदलावों के बीच साइबर हमलों और डाटा के दुरुपयोग से निपटने के लिए मजबूत सुरक्षा ढांचा विकसित करने पर बल दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग को अपने नैतिक डाटा संरक्षण मानक तैयार करने चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं की जानकारी का इस्तेमाल जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ हो।

प्रधानमंत्री ने फिनटेक कंपनियों के लिए एक नए फिनटेक कंज्यूमर प्रोटेक्शन इंडेक्स का प्रस्ताव रखा। इसके तहत कंपनियों को इस आधार पर सार्वजनिक रेटिंग देने की व्यवस्था की जा सकती है कि वे अपने ग्राहकों की कितनी अच्छी तरह सुरक्षा करती हैं।

इससे उपभोक्ताओं को सेवाओं का चयन करते समय अधिक जानकारी मिलेगी और कंपनियों के बीच भरोसेमंद सेवाएं देने की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। मोदी ने स्पष्ट किया कि वित्तीय तकनीक की सफलता का आधार केवल नवाचार नहीं, बल्कि उपभोक्ता का विश्वास भी है।

प्रधानमंत्री ने भारत की फिनटेक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए यूपीआइ को इस क्रांति का सबसे बड़ा चैंपियन बताया। उन्होंने कहा कि यूपीआइ अब भारत तक सीमित नहीं है।

अब इसका विस्तार 11 देशों तक हो चुका है। अब ध्यान उन देशों पर होना चाहिए जहां बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जिनकी भारत के साथ व्यापार की मात्रा ज्यादा है, या जो अपने सिस्टम को जोड़ने के लिए नई दिल्ली के साथ साझेदारी करने को तैयार हैं।

उन्होंने देश की जोखिम लेने की बढ़ती क्षमता की भी सराहना की। उनके अनुसार, युवाओं और फिनटेक कंपनियों में नए प्रयोग करने का आत्मविश्वास बढ़ा है, जिससे बड़े सपनों को साकार करने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।

पीएम मोदी ने भारत की आर्थिक मजबूती का जिक्र करते हुए 7.8 प्रतिशत की विकास दर को व्यापक आर्थिक स्थिरता का संकेत बताया।

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारत पर दुनिया का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी द्वारा भारत की संप्रभु रेटिंग में सुधार का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

इस वर्ष के सम्मेलन की थीम ‘पोटेंशियल टू इंपैक्ट: एजेंटिक एआई, टोकेनाईजेशन, क्वांटम’ है। प्रधानमंत्री ने इन तकनीकों को वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान में बदलने पर जोर दिया।

एजेंटिक एआई वित्तीय प्रक्रियाओं को अधिक स्वचालित और व्यक्तिगत बना सकता है, टोकेनाइजेशन परिसंपत्तियों को डिजिटल रूप में विभाजित और हस्तांतरित करने की संभावनाएं खोलता है, जबकि क्वांटम तकनीक सुरक्षा और गणना के क्षेत्र में बदलाव ला सकती है। चार दिवसीय यह सम्मेलन 11 सितंबर तक मुंबई के जियो वर्ल्ड सेंटर में चलेगा।

इसमें दुनियाभर के नीति-निर्माता, नियामक, वित्तीय संस्थान, फिनटेक कंपनियां, स्टार्टअप और निवेशक भाग ले रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की डिजिटल वित्तीय यात्रा अब वैश्विक सहयोग, समावेशन और भरोसेमंद वित्तीय व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रही है।

By admin