एएनआई, नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि फ्लाईदुबई की फ्लाइट में अपने ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी के हमले का शिकार हुए भारतीय पायलट स्मित मच्छर की सेहत में सुधार हो रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि भारतीय राजनयिक स्थानीय अधिकारियों और अस्पताल की टीम के साथ लगातार संपर्क में हैं।
उन्होंने कहा- “कैप्टन स्मित अबू धाबी के अस्पताल में हैं। हमारा दूतावास उनकी देखभाल के लिए नियमित संपर्क में है। उनकी सेहत में सुधार हो रहा है। वह अच्छी रिकवरी कर रहे हैं।”
कैप्टन स्मित को सऊदी अरब में प्रारंभिक उपचार के बाद अबू धाबी में स्थानांतरित किया गया था। भारतीय दूतावास ने उनके स्वास्थ्य के बारे में जनता को आश्वस्त किया और उनके परिवार को सभी संभव सहायता प्रदान करने की पुष्टि की।
कैप्टन स्मित को 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान के दौरान सह-पायलट द्वारा किए गए हमले में गंभीर चोटें आई थीं।
उन्होंने साहस दिखाते हुए अंतत: कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया था, जिससे अन्य यात्रियों और क्रू-मेंबर सदस्यों ने हमलावर सह-पायलट को काबू कर लिया था।
सह-पायलट की मंशा विमान को हाईजैक कर इजरायल के तेल अवीव एयरपोर्ट पर आतंकी हमला करने की थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी शुक्रवार को वीडियो काल के जरिये कैप्टन स्मित से बात की थी और उनकी बहादुरी की जमकर सराहना की थी।
सऊदी अरब ने फ्लाईदुबई विमान घटना की एयर सेफ्टी जांच शुरू की
रियाद से रॉयटर के अनुसार, सऊदी अरब ने पिछले सप्ताह फ्लाईदुबई के एक विमान में हुए कॉकपिट हमले के बाद विमानन सुरक्षा जांच शुरू कर दी है।
रॉयटर के अनुसार, मामले से जुड़े तीन लोगों ने बताया कि जांच का उद्देश्य घटना के बाद विमानन सुरक्षा पर पड़े प्रभावों का आकलन करना है। यह जांच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की ओर से चल रही अलग आपराधिक जांच के समानांतर होगी।
सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, जानबूझकर किए गए हमले के मामलों में सुरक्षा जांच अनिवार्य नहीं होती। हालांकि, ऐसी जांच भविष्य में विमानन सुरक्षा बेहतर करने के लिए सिफारिशें तैयार करने में मदद कर सकती है और इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था पर दोष तय करना नहीं होता।
यूएई ने घटना को लेकर अलग आपराधिक जांच शुरू की है और उसने इसे आतंकी हमला बताया है। इजरायल ने सऊदी नेतृत्व वाली सुरक्षा जांच में शामिल होने की इच्छा जताई है, लेकिन अभी तक उसे औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है। सऊदी अरब और इजरायल के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं।